गैंगरेप जांच के दायरे में आने वाले अफसर ढऌद में सक्रिय हुए तो बदली दिशा

On Date : 14 November, 2017, 1:03 PM
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पवन वर्मा, भोपाल
गैंगरेप जांच की रिपोर्ट भले ही आज डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला के सामने प्रस्तुत नहीं हो सकी हो, लेकिन अब यह तय हो गया है कि इसमें किसी भी आईपीएस अफसर की भूमिका संदिग्ध नहीं है। जांच के दायर में आ रहे अफसर कल पुलिस मुख्यालय में जमकर सक्रिय रहे और उन्होंने आला अफसरों के सामने अपना पक्ष रखा। इसके बाद पुलिस अफसरों की लापरवाही को लेकर हो रही जांच की दिशा बदल गई है। दूसरी ओर सूत्रों की मानी जाए तो एसआईटी ने रेप मामले में एफआईआर नहीं किए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर कुछ रिटायर्ड जजों की सलाह ली है। इस सलाह में यह सामने आया है कि गैंगरेप की एफआईआर तो की गई है, बस उसमें देरी हुई। इसलिए ऐसी स्थिति में किसी पर एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती। इस सलाह के बाद माना जा रहा है कि मोहित सक्सेना, बीपी उईके और रामनाथ टेकाम के खिलाफ विभागीय जांच हो सकती है।

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