डेड बॉडी पर दो दिन छिड़का परफ्यूम हंगामे के बाद बोले-हो गई है मौत

On Date : 13 January, 2018, 1:10 PM
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प्रदेश टुडे संवाददता, भोपाल। अरेरा कॉलोनी स्थित नर्मदा हॉस्पिटल का आज लगातार दूसरे दिन एक और शर्मनाक कारनामा उजागर हुआ है। पता चला है कि दो दिन पहले मर चुके कोलार निवासी सूर्यमणि त्रिपाठी को डॉक्टर जिंदा बताकर अस्पताल का बिल बढ़ाते रहे। परिजनों को आईसीयू में नहीं जाने दिया गया, इस बीच परिजनों ने देखा कि डॉक्टर्स मरीज की बॉडी पर परफ्यूम छिड़क रहे हैं। तो उन्हें आशंका हुई कि मरीज की मौत हो चुकी है, लेकिन डॉक्टर्स जिंदा बताने पर तुले रहे। जब मरीज के परिजन बाहर से डॉक्टर बुलाने पर अड़ गए और खासा हंगामा हुआ तब रात 11 बजे इस मरीज को मृत घोषित कर दिया गया।
यह है पूरा घटनाक्रम
किडनी की बीमारी से ग्रस्त 60 वर्षीय सूर्यमणि त्रिपाठी को 13 दिसंबर को नर्मदा हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। इस बीच डॉक्टर्स ने 8 लाख 60 हजार रुपए का बिल भी थमा दिया, लेकिन 10 जनवरी की रात से मरीज के परिजनों को उनसे मिलने नहीं दिया गया।  
इसके बाद  12 जनवरी को दोपहर में सूर्यमणि के बेटे वीरेन्द्र त्रिपाठी ने आईसीयू में झांककर देखा कि उनके पिताजी की बॉडी पर परफ्यूम छिड़का जा रहा है। इसके बाद उन्हें पिताजी की मौत की आशंका हुई। वीरेन्द्र ने प्रदेश टुडे को बताया कि अस्पताल में जब वो अपने पिता से मिलने के लिए गए तो उनकी बॉडी पर परफ्यूम छिड़कर उनकी शव से आने वाली बदबू को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन ड्यूटी डॉक्टर ने कहा कि अभी मौत नहीं हुई है। जब हमने किसी बाहरी डॉक्टर से चेकअप की बात कही तो इसके लिए तैयार नहीं हुए। इस दौरान विवाद की स्थिति बन गई।
इस बीच अस्पताल के डॉक्टरेक्टर राजेश शर्मा मौके पर आ गए। उन्होंने रात 11 बजे पिताजी को मृत घोषित कर दिया। आशंका है कि उनकी मौत दो दिन पहले ही हो चुकी थी। परफ्यूम डालकर बदबू हटाने का प्रयास किया गया। वीरेन्द्र त्रिपाठी ने मौत की जांच की मांग की है। उधर मृतक के परिजन सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि  डॉक्टर को परफ्यूम छिड़कते हुए देखा तो शंका हुई कि उनकी डेड बॉडी से बदबू मिटाने के लिए ये किया जा रहा है। जब हमने इस मामले पर ज्यादा दबाव बनाया तो उनकी मौत की बात कबूल ली गई। उनकी मौत कब हुई ये डॉक्टर नहीं बता रहे हैं।
शिवसेना करेगी प्रदर्शन, मामलों की होगी शिकायत  
नर्मदा हॉस्पिटल में रघुनाथ सेहरिया और सूर्यमणि त्रिपाठी की मौत के बाद भी उनको भर्ती रखने के मामले में इनके परिजनों द्वारा शिकायत की जाएगी। इनके परिजनों के अनुसार मौत के बाद भी सिर्फ पैसे के लालच में शव को जिंदा बताया गया।  इसके साथ ही शिवसेना द्वारा नर्मदा हॉस्पिटल और उनके डायरेक्टर राजेश शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन भी किया जाएगा। गौरतलब है कि शिवसेना में एलबीएस अस्पताल और नर्मदा अस्पताल के खिलाफ पहले भी प्रदर्शन किए हैं।

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