तालाब को साफ करने उमड़ा जनसमूह

On Date : 16 April, 2018, 1:22 PM
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प्रदेश टुडे संवाददाता, भोपाल
बड़ा तालाब भोपाल की आत्मा है.... इसके प्राण हैं और जब प्राणों पर संकट आता है तो हजारों हाथ एक साथ उसको बचाने के लिए जुट जाते हैं। हमें इसकी सफाई कर इसको और गहरा करना होगा ताकि आने वाले समय में बारिश का पानी अधिक से अधिक आ सके। यह  बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह भदाभदा के पास बड़े तालाब के गहरीकरण के अभियान की शुरुआत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह समय स्वागत या सत्कार का नहीं है इसलिए कोई फूल माला नहीं, बस सबको अपने-अपने काम में जुट जाना है। इस अवसर पर महापौर आलोेक शर्मा, सांसद आलोक संजर, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ सिंह, माटी कला बोर्ड अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति, इस्माइल खान,  निगम आयुक्त प्रियंका दास सहित काफी संख्या में स्थानीय पार्षद और अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इसके चलते नदियों को भी गहरा कर उनको जोड़ा जाएगा। इसके लिए किसी भी तरह की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इससे पहले निगम आयुक्त प्रियंका दास ने कहा कि बड़े तालाब की सफाई के साथ-साथ  शहर के सभी तालाबों की सफाई और उनके गहरीकरण का अभियान चलाया जाएगा जिसमें जनभागीदारी को सीधे जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में भोपाल कलेक्टर सुदाम खाडे और कमिश्नर आजात शत्रु श्रीवास्तव मौजूद रहे।

30 को होगी जल संसद प्रदेश भर में चलेगा अभियान  
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश भर में 1 मई से 15 जून तक तालाबों और नदियों के गहरीकरण और संरक्षण का अभियान चलेगा और 30 जून को जल संसद होगी, जिसमें जल की उपयोगिता और उसको बचाने के लिए जल विशेषज्ञों की सहभागिता से कार्य योजना बनेगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में महापौर आलोक शर्मा ने इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शहर के तालाबों की सफाई के साथ उनके संरक्षण का भी काम  किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एक माह तक चलेगा। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से 10 करोड़ रुपए की मांग रखी।

गहरीकरण के लिए सभी विभागों को मिलेगी जिम्मेदारी
शहर के तालाब के गहरीकरण के लिए नगर निगम के अलावा पीएसई, वन विभाग, माटी कला बोर्ड, जल संरक्षण, खनिज विकास निगम, इफ्को और पर्यावरण संरक्षण विभाग आदि को भी जिम्मेदारी दी जाएगी। इनके संसाधनों से तालाब की खुदाई की जाएगी और वहां की जैविक मिट्टी का सही तरीके से उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में माटी कलाबोर्ड के अध्यक्ष रामदयाल प्रजापति का कहना था कि पोक लैंड मशीनों से होने वाली खुदाई से कम समय में अधिक से अधिक गहरीकरण किया जा सकेगा।  इससे पहले बड़े तालाब की सफाई और गहरीकरण की शुरूआत स्कूली बच्चों के योग से हुई।

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