नेता रहे मौन, ब्राह्मण युवाओं ने CM से मांगा आरक्षण पर जवाब

On Date : 17 April, 2018, 1:12 PM
0 Comments
Share |

प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल
भगवान परशुराम जयंती पर सोमवार को हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आरक्षण और एससी-एसटी एक्ट पर कोर्ट के फैसले के बाद निर्मित हुए वातावरण से असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। दरअसल कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के नेता आरक्षण और एससी एसटी एक्ट के बजाय सरकार की शान में कसीदे गढ़ने लगे, इससे समाज के लोग विशेषकर युवा नाराज हो गए। इन्होंने सीएम के खिलाफ नारेबाजी की और आरक्षण विरोधी बैनर लहरा दिए। समाज में उन नेताओं के खिलाफ खासी नाराजगी है जो समाज के नाम पर सीएम हाउस में डेरा जमाए हुए हैं।
मेंदोला ने संभाली जिम्मेदारी
जानापाव स्थित परशुराम जन्मस्थली पर आयोजित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आतिथ्य में होने वाले कार्यक्रम में ब्राह्मणों को भारी तादाद में जुटाने का दायित्व भाजपा नेता रमेश मेंदोला ने संभाल लिया है। इसके लिए उनकी प्रदेशभर की टीम सक्रिय हो गई है। इस बीच रमेश मेंदोला पूरी टीम को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि परशुराम जयंती पर आयोजित समारोह विप्र सम्मत शांति, सौहाद्र और उल्लास से मनाया जाए। इसमें किसी तरह का विघ्न या हुल्लड़बाजी न हो, इसे भी संभालने की जिम्मेदारी उन्होंने अपनी टीम को सौंपी है।
अपनी रोटी सेंक रहे नेता समाज को भूले
सीएम हाउस में ब्राह्मण समाज के दो कथित चेहरे समाज के नेता बन नुमाइंदगी करते हैं। सीएम को ऐसा बताया जाता है कि इन्हीं के अनुसार समाज चल रहा है। इसके बहाने यह नेता केवल अपनी रोटी सेंक रहे हैं। समाज से उनका कोई लेना-देना नहीं है। क्योंकि समाज अब खुलकर इनके खिलाफ आ गया है। कल परशुराम जयंती के कार्यक्रम में इसका खुलासा भी हो गया।
परशुराम जयंती पCM कर सकते हैं घोषणाएं
इधर, माहौल में गरमाहट देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को परशुराम जन्मस्थली जानापाव प्रवास के दौरान घोषणाओं की झड़ी लगा सकते हैं। कहा जा रहा है कि ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने के लिए जन्मस्थली के विकास के लिए वे आर्थिक पैकेज भी दे सकते हैं। तीर्थदर्शन से जानापाव को जोड़ने की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार