ब्यूरोक्रेट्स पर उठाई उंगली, बंगला खाली कराने की तैयारी

On Date : 17 April, 2018, 1:13 PM
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विकास तिवारी, भोपाल
अक्टूबर में मध्यप्रदेश के दौरे पर आई राष्टÑीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष अनुसुईया उइके अब प्रदेश के नौकरशाहों के निशाने पर है। भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर नौकरशाहों पर उंगली उठाने और खुद सख्त कार्यवाही की चेतावनी देने वाली मध्यप्रदेश की पूर्व राज्यसभा सांसद उइके से सरकार चार इमली स्थित सरकारी बंगला खाली कराने की तैयारी में है। अनुसुइया उइके जब राज्यसभा सांसद बनी थी तब राज्य सरकार ने उन्हें एक फरवरी 2007 को राजधानी भोपाल के चार इमली क्षेत्र में डीएन-2/17 नंबर का सरकारी बंगला अलाट किया था। उन्हें यह बंगला दो वर्ष या उनके विधायक पद पर रहने की अवधि के लिए आवंटित किया गया था।
चार नेताओं के बंगले खाली कराने की तैयारी
उइके के अलावा पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह बुंदेला को मई 1996 पैतालिस बंगले स्थित ई-37, पूर्व खाद्य मंत्री की हैसियत से कंचन सोनकर को जुलाई 2004 में काटेज नंबर पांच, पूर्व मंत्री स्वर्गीय दिलीप भटेरे को जुलाई 2004 में करबला क्षेत्र में बंगला नंबर दो आबंटित किया था। सरकार का मानना है कि इन सभी नेताओं की सरकारी बंगले की पात्रता खत्म हो गई है लिहाजा इनसे बंगला खाली कराया जाना चाहिए। गृह विभाग ने इन नेताओं से बंगला खाली कराने सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री का अनुमोदन होते ही ये बंगले खाली कराए जाएंगे।
यह हुआ था बैठक में: पातालकोट-तामिया दौरे के बाद विभाग के अफसरो की बैठक में उइके नाराज हो गई थी। आदिवासियों की हालात, शिकायतों के ढेर, पट्टा वितरण नहीं होंने, फर्जी जाति प्रमाणपत्र से नौकरी करने वालों पर कार्रवाई नहीं करने, स्कूलों में टीचरों के ना आने, आदिवासियों को गंदा पानी पीने जैसे हालातों से रूबरू होने के बाद उइके सचिव से दो टूक कहा था भ्रष्टों पर आप कारवाई करो या फिर हम एक्शन लेंगे।

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