संभागायुक्त को मिला रअर पर एक्शन का पॉवर

On Date : 12 August, 2017, 12:45 PM
0 Comments
Share |

विकास तिवारी, भोपाल। जिलों में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही और उनके निलंबन के संबंध में निर्णय अब उस संभाग के कमिश्नर ही करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश जारी कर कहा है कि जिलों में पदस्थ एसएएस अफसरों पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव अब राज्य शासन को नहीं भेजे बल्कि अपने स्तर पर उनके बारे में निर्णय ले। सामान्य प्रशासन कार्मिक की सचिव रश्मि अरुण शमी ने कमिश्नर और कलेक्टरों को भेजे निर्देश में कहा है कि ऐसे शासकीय सेवक जिनके विरुद्ध संभाग में पदस्थ रहने के दौरान अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित हो और उनकी पोस्टिंग किसी अन्य संभाग में हो गई हो तो ऐसे मामलों में सिविल सेवा नियमों के तहत दंड देने के अधिकार कमिश्नरों को दिए गए है। कमिश्नर को अपने संभाग के कलेक्टरों से उनके यहां पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर यह तय करना चाहिए कि जो आरोप अधिकारी पर लगाए गए है वे कितने गंभीर किस्म के है। परीक्षण में यह पाया जाता है कि संबंधित के विरुद्ध सिविल सेवा नियमों के तहत दंड योग्य आरोप है तो ऐसे मामलों में कमिश्नर को अपने स्तर से  उन्हें दिए गए पावर के तहत कार्यवाही करना चाहिए। कमिश्नरों को यह भी कहा गया है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्राप्त प्रस्ताव के परीक्षण में यदि यह पाया जाता है कि प्रकरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के नियम दस के अंतर्गत मुख्य दंड लगाए जाने योग्य है तो कार्यवाही के लिए जीएडी के पास भेजें।

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार