11 लाख कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और राहत देने की तैयारी

On Date : 14 November, 2017, 1:04 PM
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प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल
प्रदेश के 11 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को छटवें और सातवें वेतनमान में महंगाई भत्ता व महंगाई राहत दिए जाने के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव लगभग तैयार कर लिया है। वित्त विभाग अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव ला सकता है। इसके पहले मुख्यमंत्री से अंतिम दौर की चर्चा की जाएगी।
केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारी और अधिकारियों को सातवें वेतनमान में एक प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने की घोषणा की है। महंगाई भत्ता देने के लिए अब राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने छटवें वेतनमान में 3 प्रतिशत और सातवें वेतनमान में 1 प्रतिशत मंहगाई भत्ता देने का प्रस्ताव तैयार किया है। ये भत्ता और राहत शासकीय सेवकों, पेंशनरों, पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक संवर्ग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत सचिवों तथा स्थायी कर्मी को दिया जाएगा। महंगाई भत्ता 1 जुलाई से मिलेगा। दोनों वेतनमान में मंहगाई भत्ता और राहत देने से सरकार के खजाने में हर वर्ष करीब 200 करोड़ का भार आएगा।
अबतक मिलता है 139 फीसदी महंगाई भत्ता
राज्य के कर्मचारियों को अब तक वेतन के अनुपात में 139 प्रतिशत भत्ता मिल रहा है। राज्य सरकार ने इसके पहले अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया था। महंगाई भत्ते व राहत की दर में एक जनवरी, 2017 से सात प्रतिशत वृद्धि का निर्णय लिया गया। महंगाई भत्ते की प्रस्तावित वृद्धि का नगद भुगतान फरवरी, 2017 से ही किया गया। पेंशनर्स के बारे में बताया गया कि वर्ष 2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को महंगाई राहत नहीं मिली जबकि बाद वालों को दिया जा रहा है। मंहगाई भत्ता और राहत दिया जाना नए साल की सौगात मिलना माना जा रहा है।

MSME सेक्टर को बढ़ावा देने सब्सिडी देगी सरकार
प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल
राज्य सरकार माइक्रो इंडस्ट्री और पावर लूम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 100 फीसदी सब्सिडी देगी। सब्सिडी की राशि में 75 फीसदी हिस्सा केंद्र व 25 प्रतिशत राज्य सरकार का होगा। इसके साथ ही एमएसएमई सेक्टर के लिए कई अन्य रियायतें भी दी जानी हैं। इसकी नीति को आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री इसकी आधिकारिक घोषणा 17 नवम्बर को होने वाले सम्मेलन में करने वाले हैं। नीति में जो प्रावधान किए जा रहे हैं, उसके मुताबिक प्लांट, मशीनरी लगाने पर पांच साल तक सरकार 40 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में देगी। यह राशि हर साल लागत का 8 फीसदी होगी। साथ ही सरकार प्रोविडेंट फंड में भी अंशदान देगी। पांच करोड़ रुपए से अधिक की यूनिट लगाए जाने पर सड़क, बिजली, पानी के लिए 25 लाख रुपए दिए जाने पर भी आज कैबिनेट में चर्चा हुई। वहीं प्रदेश में रेत खदानों से रेत खनन और परिवहन की नई व्यवस्था सरकार लागू करने जा रही है। रेत खदानों की पूरी जिम्मेदारी पंचायतों को देने की तैयारी है।
सिर्फ पंद्रह त्यौहारों को मिलेगी कोलाहल से छूट
मध्यप्रदेश सरकार कोलाहल नियंत्रण अधिनियम में संशोधन कर रात दस से बारह बजे तक अधिनियम से छूट प्राप्त करने के लिए कोर्ट में एसएलपी लगाएगी। मंगलवार को हुई शिवराज कैबिनेट में मंत्री त्यौहारों की संख्या 29 से घटा कर पंद्रह करने पर राजी नहीं हुए हैं।  पेंच व्यपवर्तन परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रहे 21 गांवों के विस्थापितों के लिए राज्य सरकार विशेष पुनर्वास पैकेज ला रही है।
इन पर भी चर्चा
- आदिवासी छात्रावासों में जूनियर और सीनियर श्रेणी तय कर युक्तियुक्तकरण
-राजकुमार मिल इंदौर को मूलधन जमा करने पर ब्याज माफ होगा, इस पर 40 करोड़ बकाया-

-नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के तहत आरएडी घटक योजना का क्रियान्वयन
- राजस्व विभाग के अंतर्गत भवन निर्माण, अस्पतालों में नवीन पदों की मंजूरी

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