Vodafone और Idea से निकाले जाएंगे 5000 कर्मचारी

On Date : 16 April, 2018, 11:30 AM
0 Comments
Share |

नई दिल्ली: वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के कर्मचारियों के लिए बुरी खबर. दरअसल बात ये है कि वोडाफोन और आइडिया का मर्जर कुछ ही दिनों में होने वाला है. जिसके चलते कंपनी अगले दो महीनों में 21,000 से ज्यादा कर्मचारियों को एक चौथाई की छंटनी कर सकती हैं. सूत्रों ने बताया कि ये फैसला दोनों के मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी को एफिशिएंट बनाने के लिए किया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों कंपनियां अभी काफी घाटे में हैं. उन पर संयुक्त रूप से 1,20,000 करोड़ रुपए का कर्ज है. इसलिए मर्जर की प्रक्रिया को देखने वाली नोडल टीम ने दोनों कंपनियों को अगले दो महीने में 5,000 कर्मचारियों की छंटनी करने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक, अप्रेजल के दौरान जिन कर्मचारियों की परफार्मेंस खराब रहेगी, उन्हें निकाला जा सकता है. इनके अलावा, एक ही जॉब प्रोफाइल पर दोनों कंपनियों में काम कर रहे लोगों को भी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है.

वोडाफोन और आइडिया के 5,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है क्योंकि एक ही प्रोफाइल पर दोनों कंपनियों पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या काफी अधिक है. टेलिकॉम सेक्टर में पहले ही कई कंपनियों के बंद होने से बेरोजगारी काफी बढ़ गई है. ऐसे में वोडाफोन और आइडिया की छंटनी से और दबाव बढ़ेगा. आपको बता दें, आइडिया में अभी 11,000 और वोडाफोन इंडिया में 10,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं.

इकोनॉमिक्स टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, कंपनी के एग्जिक्यूटिव का कहना है कि छंटनी जल्द होनी चाहिए, क्योंकि इतने भारी कर्ज के साथ दोनों कंपनियां यह नहीं चाहेंगी कि वे नए वेंचर की शुरुआत अधिक कर्मचारियों के बोझ के साथ करें. मर्जर को टेलीकॉम डिपार्टमेंट को छोड़कर दूसरे रेगुलेटर्स से मंजूरी मिल गई है. माना जा रहा है कि मई तक मर्जर पूरा हो सकता है.

पिछले महीने वोडाफोन और आइडिया ने बताया था कि मर्जर के बाद बनने वाली नई एंटिटी के सीईओ बालेश शर्मा होंगे. एक्सपर्ट्स की मानें तो मर्जर से कंपनी की अर्निंग पर शेयर (ईपीएस) में बढ़ोतरी होगी और कर्ज घटेगा. हालांकि, इससे ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ जाएगी. इसलिए मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी को पहले कर्मचारियों की संख्या घटानी पड़ेगी.

टेलीकॉम इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी तेजी से बदलाव कैसे करती है, नेटवर्क बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखकर प्राइस कैसे तय करेगी. विलय के बाद बनी नई कंपनी का टेलीकॉम इंडस्ट्री में 42 प्रतिशत हिस्सा होगा. वह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी होगी. अभी भारती एयरटेल 37 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है.

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार