62 बच्चों की मौत हादसा नहीं हत्या है...

On Date : 12 August, 2017, 12:44 PM
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गोरखपुर, एजेंसी। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले 48 घंटों के भीतर 62 बच्चों की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जान गंवाने वाले बच्चों में 5 नवजात शिशु भी थे। इसके पीछे आॅक्सीजन की कमी होना बताया जा रहा है। हालांकि यूपी सरकार का कहना है कि आॅक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई। 9 तारीख की आधी रात से लेकर 10 तारीख की आधी रात को 23 मौतें हुर्इं जिनमें से 14 मौतें नियो नेटल वॉर्ड यानी नवजात शिशुओं को रखने के वॉर्ड में हुई जिसमें प्रीमैच्योर बेबीज रखे जाते हैं। बताया जा रहा है कि 10 अगस्त की रात को आॅक्सीजन की सप्लाई कम हो गई। अस्पताल के सूत्र कहते हैं कि आॅक्सीजन की सप्लाई में गड़बड़ी होने से बच्चों की मौत हुई है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व में चार सांसदों को मेडिकल यूनिर्वसिटी भेजा है। गुलाब नबी आजाद ने घटना को सरकार और अस्पताल प्रबंधन की लावरवाही बताया है।
लीपापोती में जुटी सरकार
आक्सीजन की कमी से हुई मौतों पर लीपापोती में जुटी सरकार का झूठ खुल गया है। दरअसल, आॅक्सिजन सप्लायर फर्म पुष्पा सेल्स ने 1 अगस्त को ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर बकाया 63.65 लाख रुपए का भुगतान न होने के कारण सप्लाई बाधित होने की चेतावनी दी थी।
नोबेल विजेता सत्यार्थी भड़के
नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी ट्विटर पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि बिना आॅक्सीजन के बच्चों की मौत हादसा नहीं, हत्या है। क्या हमारे बच्चों के लिए आजादी के 70 सालों का यही मतलब है।

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