7 सदस्यीय जांच टीम को भी नहीं मिली नोटशीट, जांच की फाइल भोपाल पहुंची

On Date : 12 January, 2018, 2:42 PM
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नियम विरुद्ध स्थानांतरित किए गए 22 अध्यापकों का मामला उलझा

प्रदेश टुडे संवाददाता, जबलपुर
2012 में नियम विरूद्ध 22 अध्यापकों को दिए गए तबादले वाला मामला उलझता जा रहा है।  नोटशीट गायब होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एनके चौकसे द्वारा गठित की गई 7 सदस्यीय जांच कमेटी ने पूरे मामले की जांच तो कर ली, लेकिन  नोटशीट किसी के हाथ नहीं लगी। डीईओ ने कमेटी द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद डीपीआई कमिशनर नीरज दुबे को जांच रिपोर्ट सम्मिट कर दी है।
नोटशीट गायब करने का आरोप बाबू पर लगे
इस पूरे मामले को उलझाने का आरोप हेडमास्टर से बाबू बने गिरीश दामले पर लगाया जा रहा  है। कहा जा रहा है कि पूर्व प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को बचाने के लिए मामले की नोटशीट गायब कर दी गई। इसका शक पर उस पर न जाए इसलिए बाबू ने इस मामले में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी और वर्तमान डाइट प्राचार्य डिंडोरी सतीश अग्रवाल को घसीट लिया। बाबू ने खुले तौर पर सबके सामने कहा था कि पूर्व डीईओ अग्रवाल के पास मामले की नोटशीट थी उसे जबरन ही इस मामले में आरोपी बनाया जा रहा था। बाबू के इस बयान के बाद डीईओ ने आॅफिस के अधिकारी और कुछ प्राचार्यों को मिलाकर एक 7 सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए थे।
क्या है पूरा मामला
घनश्याम सोनी द्वारा साल 2014 में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकार होते हुए शासन के नियमों के विपरीत जाते हुए 22 अध्यापकों का फर्जी तरीके से ट्रांसफर किया था। मामला लोक शिक्षण से लेकर विधानसभा तक पहुंचा। हाल ही में शीतकालीन सत्र में इस मामले को एक बार फिर उठाया गया इस पर डीपीआई कमिशनर ने जिला शिक्षा विभाग से मामले की पूरी फाइल तलब की थी।  
इन अध्यापकों के तबादले का मामला
बहादुर सिंह कुर्मी,मदन गोपाल पटेल, प्रीति चौहान, सरोज जैन, चंदावती तिवारी, आभा शुक्ला, गंजिता गुप्ता, नाहिद बेगम, कीर्ति सक्सेना, निमिषा मसनिया, दीप्ति नायक, प्रार्थना श्रीवास्तव, अमिता शेंडे, अनुभूति गौहिया, संतोष कोरी, अनुराधा नामदेव, सीमा मार्कों, रजनी पटेल, भाग्श्री पहारिया,विद्यावती चक्रवती, संगीता चौकसे अध्यापक का तबादला नियम विरूद्ध तरीके से किया गया है।

’ डीपीआई कमिशनर ने 2 जनवरी को आदेश जारी कर मामले की फाइल मांगी, लेकिन फाइल से नोटशीट गायब हो गई।
’     7 सदस्यीय कमेटी गठित की उसे भी नोटशीट नहीं मिली, तो कहां गई फिर नोटशीट।
’ नियम विरूद्ध अटैच बाबू गिरीश दामले के पास क्यों थी ? इतने महत्वपूर्ण मामले की फाइल।
’ 5 साल बाद क्यों? जागा स्कूल शिक्षा विभाग जबकि मामला पहले से ही संदिग्ध था।
’ मामले में मुख्यालय के अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध।

7 सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है, नोटशीट का क्या हुआ इसकी जानकारी जांच रिपोर्ट में है।
एनके चौकसे,
जिला शिक्षा अधिकारी

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