अफ्रीकी देशों ने ट्रंप की नस्लवादी टिप्पणी पर जताया गुस्सा

On Date : 13 January, 2018, 7:45 PM
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नैरोबी : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अफ्रीकी देशों को ‘‘मलिन’’ (शिटहोल) देश कहने पर अफ्रीकी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया की जबकि कई नेताओं ने ट्रंप पर नस्लवादी और अज्ञानता का आरोप लगाया। कल 55 सदस्यीय अफ्रीकी संघ ने इन टिप्पणियों की निंदा की जबकि संयुक्त राष्ट्र में अफ्रीकी महाद्वीप के सभी देशों के राजदूतों ने ट्रंप से बयान वापसी और माफी की मांग की।    

मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में अफ्रीकी राजदूतों के समूह ने कहा कि वे बहुत ही निराश हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति की घृणित, नस्लवादी और दूसरे देश के लोगों के प्रति नफरत भरी टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं। ट्रंप की टिप्पणियों पर विचार करने के लिए बुलाए गए आपात सत्र में राजदूतों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पर सहमति जताई। अफ्रीकी संघ के प्रमुख मूसा फाकी की प्रवक्ता एब्बा कलोंडो ने कहा कि यह टिप्पणी ‘‘साफ तौर पर’’ नस्ली है।

गौरतलब है कि ट्रंप ने हैती और अफ्रीकी देशों के प्रवासियों की रक्षा करने के कुछ अमेरिकी सांसदों के प्रयासों को लेकर निराशा व्यक्त करते हुए पूछा था कि अमेरिका को इन ‘‘मलिन’’ (शिटहोल) देशों के नागरिकों को क्यों स्वीकार करना चाहिए। बहरहाल, उन्होंने बाद में ट्वीट कर कहा, ‘‘ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया था।’’

संयुक्त राष्ट्र ने इन टिप्पणियों को ‘‘हैरान करने वाला, शर्मनाक और नस्लवादी’’ बताया। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता रुपर्ट कोल्विले ने कहा, ‘‘आप उन देशों और महाद्वीपों को जिनकी आबादी श्वेत नहीं है, उन्हें मलिन कहकर खारिज नहीं कर सकते।’’बोत्स्वाना ने अमेरिका के राजदूत को यह स्पष्ट करने के लिए सम्मन किया कि ‘‘क्या बोत्स्वाना को मलिन देश समझा जाता है?

सेनेगल ने भी ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा की है। अफ्रीकी महाद्वीप के सोशल मीडिया उपयोक्ताओं ने ‘‘शिटहोल’’  हैशटैग के साथ अपने देशों की खूबसूरत तस्वीरें पोस्ट की। कई अफ्रीकियों ने अमेरिका को इस महाद्वीप की परेशानियों में उसकी ऐतिहासिक भूमिका की याद दिलाई।

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