51 वर्ष बाद महासंयोग की महाशिवरात्रि

On Date : 13 February, 2018, 4:47 PM
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रात्रि 10.30 बजे से शुरू होगा भोले का श्रंगार होंगे विविध धार्मिक अनुष्ठान

प्रदेश टुडे संवाददाता, जबलपुर
51 सालों बाद महासंयोग की महाशिवरात्रि आई है।  महाशिवरात्रि का शुभ  मुहूर्त आज रात्रि 10.30 से  शुरू होकर कल सुबह 11.30 तक रहेगा। महासंयोग बनने से शिव आराधना का महापर्व इस बार आज और कल दोनों दिन मनाया जाएगा। पंचांगों में दोनों दिन महाशिवरात्रि को शुभ माना गया है।
 पंडितों और ज्योतिषियों के मुताबिक, त्रयोदशी और चतुर्दशी के संयोग को महाशिवरात्रि माना गया है। इसी महासंयोग में भगवान शिव का विवाह भी हुआ था। इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत और शिव-पार्वती विवाह 14 फरवरी को ज्यादा फलदायी मानी गई है। ज्योतिषाचार्य डॉ.अर्जुन पांडे ने बताया कि पंचांग में आज सुबह 10.5  बजे त्रयोदशी तिथि शुरू हो गई है, जो सायं 5.4 मिनिट तक रहेगी। रात्रि 10:30 बजे से चतुर्दशी तिथि शुरू होगी जो सूर्य उदया तिथि यानि बुधवार की सुबह 11.30 तक रहेगी।  इसलिए दोनों दिन महाशिवरात्रि मनाई जा सकती है।
 त्रयोदशी, मंगल प्रदोष व प्रदोष व्रत आज
ज्योतिषाचार्य अर्जुन पांडे ने बताया कि आज त्रियोदशी,भौम, प्रदोष व्रत है इसी के संयोग से महाशिवरात्रि में महासंयोग बन रहा है। सभी राशियों में यह संयोग फलदायक होगा लेकिन कुछ राशियों के लिए यह महासंयोग ज्यादा लाभकारी होगा।

 देवाधिदेव महादेव भगवान शिव और जगतजननी मां आद्यशक्ति की उपासना का महापर्व महाशिवरात्रि आज से मनाया जा रहा है। चूंकि इस बार महाशिवरात्रि का पर्व तिथियों के चलते  बहुत से स्थानों पर महाशिवरात्रि आज और कल यानि 13 तथा 14 फरवरी दोनों ही दिन मनाई जाएगी। बहरहाल आज से प्रारंभ हो गए महाशिवरात्रि पर्व के चलते प्रात: ब्रह्म मुहूर्त से विशेष पूजन,अर्चन, अभिषेक,श्रृंगार का क्रम जारी है। भंग, धतूरा,अकौआ के पत्तों से हो रहे महादेव के श्रृंगार और शिवाभिषेक के साथ शाम को शिव बारात और रात को शिव-शक्ति विवाह की तैयारियां की जा रही हैं।
 शहर के सभी मठ-मंदिरों विशेषकर शिवालयों और देवी मंदिरों में शिवरात्रि की धूम देखते ही बन रही है जहां श्रद्वालु भक्तजन पूरी आस्था के साथ शिव-शक्ति विवाह की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पूरी रात चलने वाले विवाहोत्सव,पूजन,अर्चन और अभिषेक के साथ चहुंओर शिवशक्ति के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा है।
साकेतधाम ग्वारीघाट में शिवरात्रि कल 14 फरवरी को मनाई जाएगी तो सिविक सेंटर स्थित मां श्रीबगलामुखी मंदिर शंकराचार्य मठ में आज शिवरात्रि मनाई जा रही है। कैलाश धाम मटामर में आज और कल दोनों ही दिन शिवरात्रि का मेला लग रहा है। इसी क्रम में श्री गुप्तेश्वर महादेव, गंजीपुरा स्थित शिव मंदिर, विजयनगर स्थित कचनार सिटी पार्क के शिव मंदिर सहित शहर के सभी मठ-मंदिरों में आयोजन-नियोजन का क्रम शुरु हो चुका है।
 इसी क्रम में जय महाकाल संघ द्वारा महाकाल की विराट सवारी आज शाम पांच बजे सदर खम्बताल मार्केट केंट अस्पताल के सामने से निकाली जा रही है। कल बुधवार 14 फरवरी को महाआरती एवं अलंकरण समारोह का आयोजन श्रीकाली माई मंदिर सिद्धपीठ सदर में किया गया है।

ऐसे करें भगवान भोलेनाथ का अभिषेक
 पं. रामकृष्ण पांडे के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ के रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। इस अवसर पर किया गया रुद्राभिषेक रोग, दुख व कष्ट निवारण के साथ सुख-संपत्ति दायक है। रुद्राभिषेक पर सबसे पहले भगवान भोलेनाथ का चरण पखार कर अर्घ्य व आचमन के बाद भगवान को पवित्र जल से स्नान कराएं। इसके बाद दूध, दही, घी, मधु, शक्कर आदि से स्नान के बाद हल्दी आदि का लेप लगाकर स्नान कराएं। इसके बाद सुगंधित तेल, सुगंधित चंदन, इत्र आदि से स्नान के बाद भांग स्नान के बाद गंगा जल से स्नान कराना चाहिए। इसके बाद पंच पूजा के बाद अभिषेक व शृंगार करें। विभिन्न फूलों से भगवान का शृंगार करें। इसके बाद भगवान की महाआरती व भजन-कीर्तन से भगवान का सुमिरन करें। भजन-कीर्तन व संगीत भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है।

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