भावान्तर की राशि का भुगतान दो सप्ताह में दिया जाना सुनिश्चित करें

On Date : 06 November, 2017, 10:02 PM
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कलेक्टर ने की भावांतर योजना की समीक्षा
योजना के लाभ से वंचित नहीं रहे एक भी किसान  
 फसल बेचने वाले किसानों को मिले भावांतर राशि
किसानों को एसएमएस से मिलेगी सूचना
50 हजार रुपए तक का करें नगद भुगतान

प्रदेश टुडे संवाददाता, टीकमगढ़
कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अपने क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों के कृषि उत्पाद को मंडी तक लाने ट्रॉली के माध्यम से परिवहन कराएंगे तथा उसके किराये के भुगतान पत्रक को संबंधित मंडी सचिव से प्रमाणित कराएंगे। साथ ही प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रतिदिन परिवहन की जानकारी आॅनलाईन दर्ज करायें अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक किसान मित्र अपने गांव से कम से कम तीन ट्राली परिवहन हेतु उपलब्ध करायेंगे। श्री अग्रवाल ने भावान्तर भुगतान योजना की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए। इस अवसर पर उपसंचालक कृषि एसके श्रीवास्तव, जिला आपूर्ति अधिकारी एसके तिवारी, मंडी सचिव तथा सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
श्री अग्रवाल ने कहा है कि भावांतर योजना में पंजीकृत किसानों द्वारा 16 से 31 अक्टूबर के दौरान विक्रय की गई फसलों के भावांतर की राशि आगामी दो सप्ताह में उनके बैंक खातों में पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भुगतान की ऐसी व्यवस्था की जाये कि एक ही क्लिक में समस्त खातों में राशि का हस्तांतरण हो जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान की सूचना पंजीकृत किसानों को एस.एम.एस. के माध्यम से भी दी जाए।
उन्होंने कहा कि जिले की समस्त मण्डियों में फसलों की बिक्री संबंधी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनीटरिंग की जाए। यह सुनिश्चित किया जाये कि फसलों की बिक्री उचित मूल्य पर हो। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने की सर्वश्रेष्ठ पहल है। उसका लाभ किसानों को मिले, इस कार्य की नियमित मॉनीटरिंग होती रहे। किसानों से अनुरोध किया गया है कि योजना का लाभ लेने के लिये आगे आएं। किसी प्रकार के बहकावे में नहीं आएं। इस संबंध में व्यापक स्तर पर जानकारियों का प्रसार किया जाए।  
श्री अग्रवाल ने कहा कि किसानों की भलाई के लिए देश में सबसे पहले प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना के रूप में क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि इसको सफल बनाने की सबकी जवाबदारी है। उन्होंने सभी संबंधितों को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के लिये शुरू की गई भावांतर भुगतान योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। किसानों को उपज की बिक्री एवं भुगतान में कोई परेशानी नहीं हो। उन्हें 50 हजार रुपए तक का नगद भुगतान सुनिश्चित किया जाए। श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि उपज मण्डियों का सघन निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि किसानों को सही मूल्य और भावांतर योजना का लाभ मिले। उन्हें नगद भुगतान में कोई दिक्कत नहीं हो। उन्होंने कहा कि नगदी की कोई कमी नहीं है। किसानों को 50 हजार रुपए तक का नगद तथा शेष आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जाए। इसमें किसी भी तरह का चार्ज नहीं लगता है।
बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा भावांतर योजना में पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में शीघ्र भावांतर की राशि जमा की जायेगी। जो किसान अपनी फसल का भण्डारण करना चाहते हैं और बाद में उचित मूल्य मिलने पर फसल की बिक्री करना चाहते हैं, उनको लायसेंसी गोदाम में भण्डारण करने पर प्रति क्विंटल प्रति माह 9 रुपए 90 पैसे का अनुदान शासन द्वारा दिया जायेगा।

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