बीमारी की दस्तक से पहले हितग्राही के घर पर दी जाएगी दस्तक: कलेक्टर

On Date : 20 December, 2017, 10:43 PM
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दस्तक अभियान का शुभारंभ, द्वितीय चरण 18 दिसम्बर से 27 जनवरी 2018 तक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने की अपील
प्रदेश टुडे संवाददाता टीकमगढ़
जिला चिकित्सालय परिसर में कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में जिले में द्वितीय चरण के दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वर्षा राय द्वारा की गई है।
बीमारी से पहले हितग्राही के घर पर दी जाएगी दस्तक
इस अवसर पर कलेक्टर द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इसके तहत जन्म से 5 तक वर्ष के गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, एनीमिया की पहचान, निमोनिया की पहचान एवं उचित देखभाल तथा प्रबंधन, दस्त रोग नियंत्रण के लिए ओआरएस एवं जिंक के उपयोग संबंधी समझाइश, घर-घर ओआरएस का वितरण एवं टीकाकरण से छूटे हुये बच्चों की पहचान कर उनको टीकाकरण कराने प्रेरित करना, कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भेजना तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संबंध में हितग्राहियों को परचित कराया जाएगा। कार्यक्रम में दस्तक अभियान सहित स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई एवं संदेश दिया गया बीमारी के दस्तक देने से पहले हितग्राही के घर पर दस्तक दी जाए, जिससे बीमारी हो ही नहीं।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राय द्वारा जिले में दस्तक अभियान के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान के अंतर्गत जिले में जन्म से 5 वर्ष तक के 148199 बच्चे सर्वेक्षित किये गए हैं, जिनको सेवायें देने 285 टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि दल में महिला एवं बाल विकास विभाग की 3266 कार्यकर्ता एवं 1289 आशा एवे स्वास्थ्य कार्यकताग् सम्मिलित की गई हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला टीकाकरण अधिकारी टीकाकरण तथा दस्तक अभियान की छोटी-छोटी बारीकियों से अवगत कराया गया।
खून की कमी वाले बच्चों को उपचार
के लिए रिफर किया जाएगा
अभियान के द्वितीय चरण का आयोजन 18 दिसंबर 2017 से 27 जनवरी 2018 तक किया जा रहा है। इसमें एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दल द्वारा घर-घर जाकर जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों की जांच की जाएगी। इस दौरान दस्तक दल द्वारा बच्चों में कुपोषण की जांच एवं चिन्हित गंभीर कुपोषित एवं बीमार बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। साथ ही 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में खून की कमी की जांच एवं चिन्हित गंभीर खून की कमी वाले बच्चों को उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। बच्चों में निमोनिया एवं दस्त रोग की जांच तथा चिन्हित गंभीर बच्चों का प्रबंधन तथा बच्चों में जन्मजात विकृति की पहचान एवं अन्य बीमारियों की जांच एवं उचित प्रबंधन किया जाएगा।

 इस दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलायी जायेगी तथा स्तनपान एवं उचित आहार संबंधी सलाह दी जायेगी। साथ ही ओआरएस पैकेट का वितरण तथा ओआरएस एवं जिंक की गोली एवं हाथ-धुलाई संबंधी सलाह दी जायेगी तथा जन्म के समय कम वजन के शिशुओं एवं कम वजन के बच्चों की उचित देखभाल संबंधी सलाह दी जायेगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राय ने अपील की है कि 5 वर्ष तक के बच्चों के सभी अभिभावक अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ स्वास्थ्य केन्द्र पर आयें। उन्होंने कहा कि साथ ही वे अपने ग्राम में आयोजित होने वाले दस्तक अभियान में उपिस्थित रहकर अपने बच्चों की जांच अवश्य करायें एवं बीमार बच्चों के उचित उपचार एवं देखभाल में शासन को सहयोग प्रदान करें। साथ ही दस्तक अभियान की जानकारी समुदाय के अन्य लोगों को भी दें, जिससे अभियान के दौरान अधिक से अधिक बच्चों तक लाभ पहुंचाया जा सके।

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