मेडिकल कॉलेजों में लगेंगे CCTV कैमरे

On Date : 06 November, 2017, 9:54 PM
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एमसीआई हेडक्वार्टर करेगा डायरेक्ट मॉनिटरिंग
इंदौर। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। सरकारी कॉलेजों में यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही प्रायवेट कॉलेजों में भी हो जाएगी। कॉलेज में विद्यार्थियों और प्रोफेसर की उपस्थिति की मॉनिटरिंग सीधे मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया (एमसीआई) के दिल्ली स्थित मुख्यालय से होगी। यह बात एमसीआई दिल्ली की अध्यक्ष डॉ. जयश्री बेन मेहता ने कही।


वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के प्रांतीय अधिवेशन में अतिथि थीं। डॉ. मेहता ने कहा कि एमसीआई ने कॉलेजों में सेंट्रल मॉनिटरिंग कर दी है। इसके लिए दिल्ली में गोपनीय कक्ष है। उन्होंने क्रॉस पैथी का भी विरोध किया। आयुष डॉक्टरों को एलोपैथी दवा लिखने का अधिकार नहीं है। यह मरीज की पसंद है कि वह कौनसी पैथी में इलाज चाहता है। एमसीआई के आदेश के बाद भी इस पर अब तक रोक नहीं लग पाना समझ से परे है। सरकार को लगता है तो वह अस्पताल में सभी पैथी की ओपीडी शुरू कर दे। मरीज अपनी पसंद से इलाज करवाएगा। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के लिए अब डिजिटल रजिस्ट्री की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है। प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को यूनिक परमानेंट रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। इसे आधार से लिंक करवाने पर स्टेट काउंसिल से बार-बार अनुमति नहीं लेना पड़ेगी। ड्रग ट्रायल मुद्दे पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इंदौर के आठ दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए एमसीआई ने स्टेट काउंसिल को पत्र लिखा था। स्टेट को समय रहते आदेश पर अमल करना चाहिए था। आईएमए के प्रांतीय अधिवेशन का समापन हुआ। इस दौरान कई तकनीकी सत्र हुए। दिल की बीमारी, शुगर, हाइपर टेंशन सहित कई बीमारियों पर प्रदेशभर के डॉक्टरों ने चिंतन किया। डॉ. संजय लोंढे ने बताया कि सम्मेलन में 300 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ।

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