CD कांड- हार्दिक को शर्मिंदा होने की जरूरी नहीं... मेवानी

On Date : 14 November, 2017, 11:43 AM
0 Comments
Share |

अहमदाबाद: गुजरात चुनाव से ऐन पहले पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की कथित सीडी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सूबे के दलित नेता जिग्‍नेस मेवानी उनके समर्थन में उतर आए हैं. जिग्‍नेश मेवानी ने ट्वीट कर कहा कि भाई हार्दिक, परेशान होने की जरूरत नहीं है. मैं आपके साथ हूं. सेक्‍स का अधिकार मूल अधिकार है. इसलिए किसी को भी आपकी निजता का हनन करने का अधिकार नहीं है. इससे पहले सोमवार को गुजराती चैनलों में हार्दिक पटेल की कथित सेक्‍स सीडी की फुटेज दिखाए जाने के बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गई.

हार्दिक ने इस तरह की सीडी को लेकर कुछ दिन पहले ही आशंका जताई थी. सोमवार को जो सीडी वायरल हुई, उसमें हार्दिक पटेल की शक्ल से मिलता-जुलता शख्स एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में एक होटल के कमरे में दिखाई दे रहा है. उधर, पटेल ने बीजेपी पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाते हुए खुद के सीडी में होने से इनकार किया है. वीडियो को यूट्यूब पर डाउनलोड किया गया है. हालांकि, Zee News इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.

DNA में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो को इस वर्ष कथित तौर पर 16 मई को शूट किया गया है. वीडियो 10 मिनट का है और सोमवार दोपहर के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. सीडी उस समय सामने आई जब हार्दिक गांधीनगर में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की कोर कमेटी की बैठक में शामिल थे.

मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हार्दिक ने कहा, "मैं पहले ही कहा था चुनाव से पहले ऐसा कुछ होगा. हमारी आज कोर कमेटी की बैठक थी जिसमें हमने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रस्ताव पर विचार किया है. यह तो अभी शुरुआत है. चुनाव का समय है. हमारा आंदोलन सशक्त है. बदलाव की बयार पूरे गुजरात में बह रही है, इसलिए ऐसे आरोप तो लगाए ही जाएंगे." उन्होंने कहा, "अब गंदी राजनीति की जा रही है. यह मुझे बदनाम करने की कोशिश है लेकिन इससे पूरे गुजरात की महिलाओं को बदनाम किया जा रहा है.

वीडियो को पॉलिटिकल स्टंट करार देते हुए हार्दिक ने कहा कि बीजेपी नेता उन्हें अभी और बदनाम करने की कोशिश करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि यह वीडियो बैंकॉक में बनाया गया. उन्होंने कानूनी कार्रवाई की बात कही. उन्होंने कहा कि पाटीदार समुदाय के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे और ऐसे आरोपों से हतोत्साहित नहीं होंगे.

पिछले साल गुजरात के उना में गोरक्षा के नाम पर ऊंची जाति के लड़कों द्वारा दलितों की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद उपजे दलित आंदोलन की आवाज बनकर उभरे. पेशे से वकील और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. उना दलित अत्‍याचार लडात समिति के संयोजक हैं. इस समिति ने गुजरात के विभिन्‍न इलाकों में दलितों के विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्‍व किया है. उना की घटना के बाद पीडि़तों के लिए न्‍याय की मांग करते हुए 20 हजार लोगों की रैली का आयोजन किया था.

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार