दो घंटे में पेड़ नहीं हटा पाए, चलाएंगे बुलेट ट्रेन

On Date : 13 September, 2017, 9:45 PM
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रेलवे की ओएचई लाईन पर गिरा पेड़, दो घंटे रूकी रही कुशीनगर, टला हादसा
प्रदेश टुडे संवाददाता विदिशा 
रेलवे टीआरडी कैंपस में लगे पुराने पीपल के पेड़ को काटने में बरती गई लापरवाही का खामियाजा हजारों मुसाफिरों को भुगतना पड़ा और एक बड़ा हादसा होते होते बचा। दरअसल बुधवार की दोपहर 12 :30 बजे गौरखपुर से मुबंई की और जाने वाली कुशीनगर एक्सपे्रस जैसे ही प्लेटफार्म नं 3 पर आकर रूकी तो कुछ देर बाद टेÑन भोपाल की और रवाना हो रही थी कि उसी समय पीपल का पेड़ तीसरी ट्रेक के ओएचई तार पर टूट कर गिर गया जिससे पेड़ में काटने वाले मजदूर भी घायल हो गए और ओएचई लाईन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। 
 
इस घटना की जानकारी लगने पर रेलवे के तमाम आलाअधिकारी मौके पर आ गए और मामले की जानकारी लेकर जल्द ही सुधार के निर्देश दिए। ओएचई लाईन के क्षतिग्रस्त होने के बाद आनन फानन में सुधारने के लिए रेलवे के इंजीनियर सहित पूरी टेक्निशयन की टीम मौके पर पहुंच गई। जिसमें करीब 2 घंटे से भी अधिक का समय लग गया। प्लेटफार्म नं 3 पर आने वाली कुशीनगर जैसे ही भोपाल की तरफ रवाना हो रही थी उसी समय यह हादसा हुआ था। जहां यात्रियों के अनुसार यह हादसा दोपहर करीब 12.30 पर होना बताया जा रहा है तो रेल्वे के अधिकारी भी इस मामले में जानकारी देने से बचते रहे। जिसके चलते कुशीनगर एक्सप्रेस 2.40 पर रवाना हो सकी जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़। 
 
हालांकि थर्ड लाईन पर ज्यादा टेÑनों की आवाजाही नहीं होती फिर भी करीब आधा दर्जन टेÑनों की आवाजाही पर असर हुआ है। ओएचई लाईन के क्षतिग्रस्त होने से बिजली के इंजन से टेÑन को आगे नहीं बढाया जा सकता था ऐसे में डीजल के इंजन को बुलाया गया था। और उसके बाद कुशीनगर को भोपाल की तरफ टेÑन को रवान किया गया। 
इस तरह से बरती लापरवाही, मजदूर हुए घायल
टीआरडी परिसर में लगे पीपल के पेड़ को काटने का ठेका एक कंपनी को दिया गया था इसी कंपनी के मजदूर पेड़ काट रहे थे पेड़ काटने में 6 मजदूर लगाए गए थे लेकिन पेड़ भारी था और उसके हिसाब से मजदूरों की संख्या कम थी और पेड़ की लंबाई की लंबाई पर गौर नहीं किया और पेड़ की टहनी कट कर ओएचई लाईन पर जा गिरी जिससे ओएचई लाईन बुरी तरह से छतिग्रस्त हो गई। जहां काम कर रहे चार मजदूर घायल हो गए जिसमें दो मजदूर घायल हो गए। वहीं दो अन्य मजदूर मामूली रूप से घायल हो गए। पेड़ काट रहे मजदूरों के लिए कोई भी सुरक्षा के संसाधन मुहैया नही कराए गए थे। 
सिर्फ किराया ही बढ़ा सकती है सुविधा नहीं दे सकती रेलवे
गोरखपुर से मुंबई जा रहे रामकुमार तिवारी भी कुशीनगर में सवार थे जिनको स्टेशन पर पानी के लिए परेशान होना पड़ा करीब दो घंटे तक ट्रेन प्लेटफार्म पर खडे रहने से रामकुमार को गुस्सा आ गया और कहा कि सरकार बात करती है बुलेट टेÑन चलाने की और दो घंटे में एक पेड़ को ट्रेक से भी नही हटा पाए इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हम कितने डिजीटल हो गए है और सरकार सिर्फ किराया ही बढ़ा सकती है कोई सुविधा नहीं दे सकती है। 
इसी तरह नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जा रहे अवधेश कुमार ने बताया कि नौकरी के लिए इंटरव्यू देना था टेÑन रवाना होने ही वाली थी कि ट्रेक पर पेड़ गिर गया और ट्रेन दो घंटे लेट हो गई। दरअसल बुधवार को इंटरसिटी एक्सपे्रस नहीं चलती है जिसके चलते अधिकांश लोग कुशीनगर से ही भोपाल जाते है। कुशीनगर के लेट होने से विदिशा के ही हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।  टेÑन के न चलने से परेशान यात्रियों का हुजूम लग गया और लोग रेल्वे के अधिकारियों को कोसते रहे। 
अधिकारी देते रहे पल-पल 
की जानकारी
जैसे ही पेड़ गिरने की जानकारी विदिशा के रेल्वे के अधिकारियों को लगी ओर कुशीनगर एक्सप्रेस को स्टेशन पर रोकना पड़ा इसकी जानकारी तत्काल भोपाल के अधिकारियों को दे दी गई। और इसके बाद रेल्वे की लाईन को ठीक करने के लिए इंजीनियरों को बुलाया गया और टेÑक पर पडेÞ पेड़ को हटाने के लिए भी मजदूरों को लगाया गया। इस मामले में रेल्वे के स्थानीय अधिकारी कोई भी जानकारी नहीं दे रहे थे।

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