चुनौतियों को खत्म करने संभावनाएं स्वत: ही खुल जाती हैं:डॉ.शर्मा

On Date : 30 January, 2016, 9:58 PM
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महिला शिक्षा चुुनौतियां व संभावनाएं पर हुई संगोष्ठी
प्रदेश टुडे संवाददाता, इटारसी

चुनौतियों को समाप्त करने संभावनाएं स्वत: ही खुल जाती है।  उक्त उद्गार म.प्र. विधान सभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा ने शासकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में ‘महिला शिक्षा चुनौतियां व संभावनाएं’ विषय पर व्यक्त किए। वह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।  इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की संयोजक श्रीमती हरप्रीत रंधावा द्वारा संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन करवाया गया। जिसमें श्रीमती रंधावा ने बालिकाओं की शिक्षा की प्रमुख भूमिकाओं का वर्णन किया। यत्र नार्यस्तु पूज्येन्त, रमन्ते तत्र देवता नामक पंक्तियों में महिलाओं की विशेषता जो कि भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है आदि विषयों एवं भारत में महिलाओं की शिक्षा एवं उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्व विद्यालय से आए एन पी मोदी ने प्राचीन भारत में महिला शिक्षा एवं वर्तमान समय में उनके समक्ष आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। इसके बाद अजीज प्रेमजी फाउंडेशन से आए ईश्वर सिंह ने भारत में औपचारिक एवं व्यवसायिक शिक्षा पर तथा परिवार में बालिका  शिक्षा पर जोर दिया।
कार्यक्रम में दो तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रो. माधवीलता दुबे एवं प्रो. राजकुमारी शर्मा एवं शोद्यार्थियों द्वारा संगोष्ठी के विषय पर विचार शोध प्रपत्र द्वारा प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीराम निवारिया, डॉ. आर. एस. मेहरा तथा डॉ रजनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंजरी अवस्थी, मीनाक्षी कोरी, ए.के. पारोचे, संजय आर्य, शिरीष परसाई, डॉ. आशुतोष मालवीय, कु. रिया दुबे, डॉ. अर्चना पटेल, कु. सुदर्शना राज, मालती शाक्य, अंकुर तिवारी, डॉ. अनिता साहू, कविता रैकवार, भावना यादव, कु. प्रिया मालवीय, कु. सरिता मेहरा, सोमेश राठौर, कु. दीपिका मालवीय एवं समस्त कार्यालयीन स्टॉफ  व महाविद्यालय की छात्राएं उपस्थित थी।

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