कांग्रेस ने भारत की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया: गहलोत

On Date : 12 April, 2018, 10:02 PM
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इंदौर। हाल ही में समाप्त हुए संसदीय सत्र को लेकर राजनीति गरमा चुकी है और ये ही वजह है कि देश के इतिहास में पहली बात सत्ता पक्ष की किसी पार्टी ने सड़क पर उतरने का फैसला लिया। दरअसल, केंद्र सरकार का आरोप है कि 23 दिनों तक कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों ने हुल्लड़ मचाकर कई बढ़े निर्णयों को अटका दिया है जो प्रजातांत्रिक लिहाज से ठीक नही है और इसी बात का विरोध करने के गुरुवार को देशभर में सरकार के मंत्री और सांसद सामूहिक उपवास सत्याग्रह पर बैठ गई।

इंदौर के ह्रदय स्थल राजबाड़ा पर दो केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत और रामदास अठावले उपवास पर बैठे वही बीजेपी विधायको सहित कार्यकर्ता भी सामूहिक उपवास पर बैठे हालांकि ये बात और है कि केंद्र के सामूहिक उपवास पर इंदौर में पानी फिरते फिरते बचा क्योंकि हल्कि बारिश का दौर इंदौर में जारी है जिसके चलते कुछ परेशानियां भी हुई लेकिन जब दोनों केंद्रीय मंत्री उपवास स्थल पर पहुंचे तो कार्यकर्ताओ में उत्साह बाद गया।

उपवास में परिस्थिति अनुसार छूट दी गई है
केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस और राहुल गांधी को जमकर आड़े हाथों लिया और कहा कि 23 दिनों तक संसद को सुचारू रूप से नही चलने देने के कारण दुनिया मे देश की गरिमा को ठेस पहुंचाया गया। गेहलोत ने कहा बीजेपी सांसदों ने 23 दिन का वेतन भत्ता नही लिया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रजातांत्रिक व्यवस्था पर प्रबल विश्वास करते है और केंद्र सरकार  विपक्ष के हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ अन्य दल संसदीय कार्यवाही को बाधित करने में लगे हुए है कांग्रेस ने हर वक्त हुल्लड़ मचाया है। वही उपवास पर बैठने के पहले खाना खाने के मामले पर पूछे सवाल पर केंद्रीय मंत्री गेहलोत ने कहा उपवास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने मन्त्रिमण्डल के सदस्यों परिस्थितियों के अनुसार छूट दे रखी है। वही कांग्रेस को उपवास की परिभाषा बीजेपी कार्यकर्ता बता देंगे।

दलितों का विरोध होगा तो वोट नही मिलेंगे: रामदास अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इंदौर में साफ किया कि  कोई भी पार्टी दलित विरोधी नही है राहुल गांधी भी नही। क्योंकि दलितों का विरोध कोई पार्टी करती है तो उसे वोट नही मिलेंगे और वो सत्ता में नही चुनी जाएगी। वही हाल ही में एससी -एसटी एक्ट को लेकर जो हंगामा खड़ा हुआ उसको लेकर उंन्होने कहा कि एक्ट संबंधी निर्णय से सरकार का कोई संबंध नही है। वही कांग्रेस और राहुल गांधी पर शायराना हमला करते हुए ये भी कहा कि कांग्रेस इतने सालों से सत्ता में रही है लेकिन अब वो बाहर है और जिस तरह से एक मछली पानी से निकलने के बाद फड़फड़ाती है ऐसी ही हालत अब कांग्रेस की है। वही उन्होंने कांग्रेस द्वारा संसदीय कार्यवाही में 23 दिनों तक मचाये गए हंगामे को लेकर भी कांग्रेस को जमकर घेरा। फिलहाल बीजेपी और केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल का सामूहिक उपवास सत्याग्रह तो हो चल रहा है लेकिन इस उपवास से एक ये सवाल भी जरूर खड़ा हो रहा है कि क्या केंद्र सरकार विपक्ष को देश की सत्ता से दखलंदा करना चाहती है क्योंकि ये पहली बार हो रहा है कि विपक्ष का विरोध कोई सरकार द्वारा सड़को पर आकर किया जा रहा है।

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