तोड़फोड़, वाहनों को किया आग के हवाले

On Date : 07 June, 2017, 10:09 PM
0 Comments
Share |

इंदौर-भोपाल हाईवे पर किया चक्काजाम, उग्र हुआ किसानों का आंदोलन 
प्रदेश टडे संवाददाता, सोनकच्छ
राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के द्वारा अपनी 32 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार आन्दोलन जारी हैं। वहीं विगत दिवस मंदसौर में पुलिस फायरिंग के दौरान 5 किसान और एक छात्र की मौत के बाद इस आन्दोलन ने उग्र रूप ले लिया। इसी के चलते राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के द्वारा 7 जून को प्रदेषव्यापी बंद का आव्हान किया गया था वही कांग्रेस ने भी आनन फानन में प्रदेशव्यापी बंद का आव्हान किया था। जिसको पूर्ण समर्थन मिला मगर किसानों की मौत के बाद कई जगहों पर आगजनी और तोड फोड घटनाए सामने आई। वहीं सोनकच्छ में शांतिपूर्ण बंद रहा जहां कृषि उपज मंडी में इक्कठा हुए किसानों द्वारा पहले तो शांति पूर्वक मन्दसौर हादसे में मृत किसानों का श्रद्धाजंली दी गई और नगर में शांती पूर्वक बाईक रैली निकालने का निर्णय लिया गया, वहीं कुछ किसानों द्वारा सोनकच्छ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचकर मरिजो को निषुल्क दुध वितरण किया गया। परन्तु बाईक रेली के दौरान आस पास से भी किसान जुटने लगे जो देखते देखते इंदौर भोपाल हाईवे पर जा पहुंचे जहां किसानों के द्वारा सर्वप्रथम पुष्पगिरी के सामने इंदौर भोपाल हाई वे पर पत्थर डालकर जाम कर दिया जहां तहसीलदार पल्लवी पुराणिक एवं थाना प्रभारी के.के. सिंह की समझाईष के बाद जाम को खत्म तो कर दिया गया मगर किसानों का जत्था वहां से नेवरी फाटे के लिए रवाना हुआ जिसमें लगभग 3 से 4 ट्रक्टर एवं 60 से 70 दो पहिया वाहनों नेवरी फाटा की और जा रहें किसानों के द्वारा रास्ते रास्ते गाडीयों को रोक कर पत्थरबाजी की गई और जिसे जहां जो मिला सामने से आने वाली गाडीयों पर फेकते गए। किसानों के इस काफिले ने सोनकच्छ से लेकर नेवरी फाटा तक अफरा तफरी मचा दी जो नेवरी फाटा पहुंचते ही किसानों पुन: जाम कर दिया और हाईवे पर बैठ गए। 
कलेक्टर और एसपी पहुंचे मौके पर 
कलेक्टर के साथ की झूमा झटकी
स्थानिय प्रषासन की हाथ से स्थिती को जाते देख देवास कलेक्टर आशुतोष अवस्थी एवं एसपी अंशुमान सिंह नेरी फाटा पहुंचे जहां पर उनके द्वारा तकरीबन दो घन्टे तक किसानों को समझाई दी गई मगर उग्र किसानों में से एक ने कलेक्टर आषुतोष अवस्थी के साथ झुमा झटकी तक कर ली। जिसके बाद किसानों के द्वारा नेवरी फाटा चोकी पर तोड़ फोड़ करना शुरू कर दी तत्पश्चात करीब 2 हजार किसानों का जत्था हाटपिपल्या की और से नेवरी फाटा पहुंचा जहां पर उनके द्वारा भी तोड़ फोड़ करते हुए उपद्रव मचाना प्रारम्भ कर दिया। जिसके बाद स्थिती बिगडने लगी और करिब 3 हजार किसानों  ने इंदौर भोपाल हाईवे को जाम कर सोनकच्छ पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया साथ ही रूकी हुई यात्रि बसो में से यात्रियों को निचे उतारकर बसो को भी आग के हवाले कर दिया ।जिसके बाद आन्दोलन बडता ही गया। आगजनी की इस घटना को देखते हुए भौरांसा से दमकल वाहन बुलाया गया जिसे भी उग्र किसानों के द्वारा आग के हवाले कर दिया गया। 
कई घंटों मशक्कत के बाद 
नियंत्रित हुई स्थिति... 
मामले में कई घंटो की मशक्कत के बाद पुलिस स्थिती को नियंत्रीत कर पाई। इसके बावजूद नेवरी फाटा से सोनकच्छ की और आते हुए किसानों के द्वारा हईवे पर तकरीबन 8 यात्री बसो, एक दमकल, एक पुलिस वाहन, तीन ट्रक, एक कन्टेनर एवं एक डिजल टेंकर को आग के हवाले कर दिया और कई छोटे 4 पहिया वाहनों में तोड फोड की गई।   
 
शहर पूरी तरह बंद, पेट्रोल के लिए भटकते रहे वाहन चालक
धार। किसानों के प्रदेश बंद के मद्दे नजर धार में सुबह से ही लोगों ने अपनी दुकाने बंद रखी थी। शहर में चाय की दुकानों से लेकर पेट्रोल पम्प तक बंद रहे।वाहन चालकों को पेट्रोल के लिए शहर से बाहार स्थित पम्पों का सहारा लेना पड़ा। लोग सुबह से लेकर दोपहर तक पेट्रोलपम्प संचालकों से पेट्रोल देने का अनुरोध करते रहे मगर संचालकों ने बंद का हवाला देकर लोगों को रवाना कर दिया। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाए बहाल रही और बंद की वजह से लोगों को थोड़ी बहुत दिक्कतों का सामना जरूर करना पड़ा। किसानों की वाजिब मूल्य दिए जाने को लेकर किए गए बंद को लोगों ने भी अपनी दुकाने बंद रखकर समर्थन दिया। शहर में छुटपुट घटनाओं को प्रशासन के चाक चौबंद बंदोबस्त ने सम्हाल लिया। शहर में प्रशासन सुबह से ही शहर बंद को लेकर संजीदा रहा और चौराहे चौराहे पर पुलिस के जवान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के तैयार देखे गए।
रैली के दौरान हुए पथराव से भड़के थे किसान
शनिगली से रैली के रूप में लोगों से बंद का आह्वान कर रहे किसानों पर कुछ असमाजिक तत्वों  ने पथराव कर दिया था। पथराव से किसान भड़क गए थे लेकिन प्रशासन के आला अधिकारियों के समझाईश पर किसान शांत हुए। जानकारी के अनुसार जब किसान शनिगली से आंनदचौपाटी पर लोगों से बंद का आह्वान कर रहे थे इस दौरान कुछ लोगों ने उन पर पथराव कर दिया इस घटना को हालाकि मौके पर पुलिस ने अपने सख्त रवैये से संभाल लिया लेकिन यह किसान इस बात को लेकर भड़क गए कि जिन लोगों ने पथराव किया है उन पर कार्रवाई होना चाहिए।
किसानों ने कहा थाने जाकर लिखवाएंगे रिपोर्ट
सारे किसानों ने लालबाग में एकत्र होकर एकमत से निर्णय लिया की जिन लोगों ने किसानों पर पथराव किया है उनकी रिपोर्ट थाने पर जाकर लिखवाएगे। इस बात को लेकर सारे किसान शिवराज सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए लालबाग से धार कोतवाली जाने के लिए निकले हालांकि पुलिस ने मोहन टाकिज चौरोहे पर पुलिस के आला अधिकारियों ने इन किसानों को रोक लिया। पुलिस के रोके जाने से नाराज किसान चौराहे पर ही धरना देकर बैठ गए और पथराव करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कि मांग करने लगे। इस पर पुलिस के आला अधिकारियों ने किसानों से कहां यहीं पर आप लिखित में आवेदन दे सकते है। इस पर किसानों ने पुलिस के आला अधिकारियों की बात को मानते हुए आरोपी पिपलोदिया व उसके साथियों को खिलाफ पुलिस को आवेदन सौपा आवेदन में मांग की गई है कि अगर पथरावा करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो किसान उग्र आंदोलन को बाध्य होगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई। मौके पर एसडीएम सुश्री मित्तल,सीएसपी विक्रमसिंह भी मौजुद थे। कुल मिलाकर प्रशासन ने बंद को देखते हुए पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्थाए कर रखी थी जिस तरह पुलिस ने छोटे से तनाव को समय पर ही रोक लिया उससे प्रशासन के अधिकारियों की गंभीरता झलकती हैं।

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार