डॉक्टर की ‘लापरवाही’ से गई नवजात की जान, परिजनों ने किया हंगामा

On Date : 04 September, 2017, 10:21 PM
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परिजनों ने कहा महिला की डिलेवरी होने पर बच्चे को बताया जिंदा, घंटों बाद कहा, ‘पैदा  हुआ था मृत’
प्रदेश टुडे संवाददाता, टिमरनी
स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को एक नवजात बच्चा डाक्टर की लापरवाहीं के कारण मृत्यु हो जाने के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र में किया हंगामा ओर मौके से ही तहसीलदार को व सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की गई। वहीं, परिजनों का हंमागा डिलेवरी कक्ष के सामने चलता रहा आरोप प्रत्यारोप के चलते स्वास्थ्य केंद्र में आने जाने वाले मरीज ओर उनके परिजन भी यह सब कुछ होते देखते रहे हैं। उस दौरान स्वास्थ्य केंद्र के एक भी डॉक्टर सामने नहीं आए। जिससे मृत बच्चे के परिजनों में काफी रोष नजर आया।
 
बिना डॉक्टर के हो गई डिलेवरी: क्षेत्र के ग्राम सोडलपुर निवासी विनोद पिता देवराम माणिक ने महिला डॉ. पुष्पा देशमुख पर लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए बताया की मेरी पत्नी प्रतिक्षा की डिलेवरी का समय था। जिसे रविवार की शाम को 6 बजे स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। जहां डॉक्टर ओर नर्स ने रात्रि लगभग 9 बजे तक डिलेवरी नार्मल होने की बात कही, लेकिन डिलेवरी नहीं हुई फिर सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे डिलेवरी हुई तो नर्स ने कहां की बच्चा कमजोर है। जिसे आईसीयू में रखना पडेÞगा और 1 घंटे तक आईसीयू में रखा गया लेकिन क्यों रखा गया, क्या तकलीफ है। बच्चे क्या हो रहा था। बच्चा कैसा है इसकी कोई भी जानकारी परिजनों को नहीं दी गई। न ही बच्चे का मुंह दिखाया गया। इसके 2 घंटे बाद कह दिया की बच्चा मृत पैदा हुआ है। जिस पर परिजनों ने कहां कि अभी तो नर्स ने कहा था कि बच्चा ठीक है लेकिन थोड़ा कमजोर होने के कारण उसे आईसीयू में रखा गया है तो बच्चा मृत कैसे पैदा हुआ है और अगर बच्चा मृत था तो उसे आईसीयू में क्यों रखा गया।
 
बच्चे का किया क्रियाकर्म: नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों कीे आंखो से आंसू थम नहीं पा रहें थे ओर जो भी यह बात सुन रहा था वह भी गमगीन दिखाई दिया। इधर भर्ती की गई महिला का जिला स्वास्थ्य केंद्र रैफर किया गया उधर पिता ने अपने बेटे का क्रियाकर्म किया गया। वहीं तहसीलदार भानुप्रताप सिंह ने मामले की जांच कर कार्यवाहीं करने की बात कहीं है। 
 
एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे अधिकारी-कर्मचारी: मृत बच्चे के पिता विनोद माणिक ने डॉक्टर पर आरोप लगाया की मेरी पत्नी को जब से यहां भर्ती किया गया, तब से लेकर अभी तक महिला डॉक्टर सिर्फ एक बार ही आई है और डिलेवरी होते समय सिर्फ नर्स ही थी। डॉक्टर को बार-बार सूचना दी गई लेकिन वह नहीं आई। वहीं, आईसीयू में भी कोई भी कर्मचारी नहीं था सिर्फ एक बच्चा बैठा हुआ था जो आईसीयू में आॅक्सीजन लगा रहा था। इसी लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है। डॉक्टर व आईसीयू कर्मचारी दोनों बचने के लिए बच्चे को मृत पैदा होना बता रहे हैं वहीं, बच्चा जब मर गया तो डॉक्टर ने कहा कि महिला को जिला स्वास्थ्य केंद्र रैफर करना पडेÞगा महिला की तबीयत पहले से ही खराब है तो परिजनों ने कहा की जब महिला की तबीयत पहले से ही खराब थी तो डिलेवरी के पहले ही रैफर क्यों नहीं किया गया।
 
इनका कहना है 
बच्चे की धड़कन चल रहीं थी सांस देने के लिए आक्सीजन देना पड़ा लेकिन बच्चा पहले ही मृत था वहीं महिला को डिलेवरी के बाद बहुत तेज बुखार होने तथा दवाईयों से कंट्रोल नहीं होने पर जिला स्वास्थ्य केंद्र रैफर किया गया है। परिजनों का आरोल गलत है ओर हमेशा नर्स ही डिलेवरी कराती है ज्यादा मामला बिगड़ने की स्थिति में देखा जाता है। 
डॉ. पुष्पा देशमुख
 चिकित्सा अधिकारी टिमरनी

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