पर्यावरण प्रेम ने बदल दी क्षेत्र की तकदीर

On Date : 04 September, 2017, 10:14 PM
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शिक्षक दिवस पर विशेष: प्रेरणा से हजारों विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के लिए हो रहे जागरूक
मुलताई। मैं अकेला ही चला था मंजिल की तलाश में लोग मिलते गए और कांरवा बनता गया।  यह शेर नगर में उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ शिक्षक आरके मालवीय के लिए 100 प्रतिशत खरा उतरता है।  शिक्षक मालवीय के पर्यावरण प्रेम ने नगर सहित पूरे क्षेत्र की मानो तकदीर ही बदल दी है जिससे नगर के विभिन्न स्थानों सहित आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोपे गए पौधे वर्तमान में पेड़ बन गए हैं। वहीं अब शिक्षक के पर्यावरण के प्रति समर्पण से प्रेरित होकर विद्यार्थियों सहित नगरवासी पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं तथा वृहद स्तर पर हो रहे पौधारोपण में सहयोग कर रहे हैं।  शिक्षक आर के मालवीय अब पर्यावरण का पर्याय बन चुके हैं उनकी पर्यावरण के प्रति रूचि अब लोगों के लिए अभियान बन गई है जिससे यह कहा जा सकता है कि यदि किसी भी काम को दिल से करने की ठान लो तो सारी कायनात भी आपके साथ हो जाती है। आरके मालवीय को छात्र जीवन से ही प्रकृति के प्रति एैसा आकर्षण था जिससे वो अपनी सुध-बुध खोकर प्रकृति में ही खोये रहते थे। वर्ष 1990 में उनके इस प्रेम को उनके मित्र डीएस रघुवंशी ने समझा और उन्हे पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जिसके बाद तो मानो पौधारोपण का सिलसिला ही चल निकला और शिक्षक मालवीय के लिए पौधारोपण जीवन का उद्देश्य ही बन गया। फिलहाल शिक्षक मालवीय  जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट में नगर पालिका के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। उत्कृष्ट विद्यालय में शिक्षक के पद पर पदस्थ होने के बाद उन्हे शिक्षक गिरीश साहू का जब सहयोग मिला तो मानो उनके पर्यावरण प्रेम को मानो पर ही लग गए। उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में सर्वप्रथम इसकी शुरूआत हुई जहॉ परिसर में पौधारोपण के बाद स्कूल के चारों ओर तथा स्कूल के सामने मार्ग के भी दोनों ओर वृहद स्तर पर पौधा रोपण किया गया। इसके बाद छोटा तालाब, मोक्षधाम, मासोद रोड पर स्थित ज्ञान मंदिर सहित नगर के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया जिसमें वर्तमान में लगभग 90 प्रतिशत पौधे पेड़ बन चुके हैं। 
पौधारोपण बना महाअभियान
शिक्षक आरके मालवीय के पर्यावरण प्रेम ने धीरे-धीरे सभी का ध्यान खींचा। निस्वार्थ भाव तथा पूरी लगन एवं मेहनत से पौधारोपण कर उन्हे पालने के उनके संकल्प के सभी कायल हो गए तथा उनके इस अभियान से धीरे-धीरे नगर के सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों सहित प्रकृति प्रेमी जुड?े लगे। लोगों के जुड़ाव का ही यह सार्थक परिणाम रहा कि नगर से लगभग 7 किलोमीटर दूर सांडिया में लगभग एक हजार पौधों का लक्ष्य रखकर वृहद स्तर पर पौधारोपण किया गया जिसमें नगर सहित पूरे क्षेत्र से लोग जुड़े। 
 
सांडिया का वृक्षारोपण आज की स्थिति में सबसे बड़ा अभियान बनके सामने आया है। इस अभियान से निरंतर लोग जुड़ रहे हैं तथा पर्यावरण के हर कार्यक्रम में शिक्षक आरके मालवीय की अग्रणी भूमिका होती है। उनके इस अभियान से निरंतर विद्यार्थी भी जुड़ते जा रहे हैं तथा पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों का बखूबी से निर्वहन कर रहे हैं।

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