कभी भी गिर सकते हंै क्षतिग्रस्त होर्डिंग

On Date : 11 August, 2017, 10:10 PM
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नगर में खतरे को न्योता दे रहे अवैध होर्डिंग
प्रदेश टुडे संवाददाता, मुलताई
नगर में इन दिनों चौक चौराहों सहित गली कूचों में अवैध होर्डिंग की भरमार हो गई है। होर्डिंग लगाने का आलम यह है कि जहां जगह मिली वहां होर्डिंग टांग दिए जाते हैं लेकिन इसके बाद उन्हे निकालने की सुध कोई नहीं लेता, नतीजन होर्डिंग क्षतिग्रस्त होते रहते हैं तथा खतरनाक स्थिति में कभी भी गिर सकते हैं। जिससे हादसा हो सकता है। कुल मिलाकर चौक-चौराहों पर लगने वाले होर्डिंग राहगीरों के लिए खतरे की घंटी है। थोड़ी सी हवा-पानी में होर्डिंग गिर सकते हैं, फिलहाल कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होर्डिंग खतरे को न्योता देते प्रतीत हो रहे हैं। फव्वारा चौक पर लगा एक होर्डिंग तो इतना क्षतिग्रस्त हो चुका है कि कभी भी नीचे से गुजरने वाले राहगीरों सहित वाहन चालकों पर गिर सकता है लेकिन इसको लगाने वाले लोग नदारद हैं इसके अलावा स्टेशन चौक सहित बसस्टेंड एवं बेरियर नाके पर जगह-जगह निजी स्थानों पर होर्डिंग टांग दिए गए हैं। लेकिन उत्सव निकलने के बाद इन्हे निकालने की जिम्मेदारी कोई नही लेता जिससे होर्डिंग लावारिस स्थिति में क्षतिग्रस्त होते रहते हैं। 
नगर में नगर पालिका द्वारा बड़े होर्डिंग 
ठेके पर दिए जाते हैं जिसमें नियमानुसार एक निश्चित समयावधि के लिए फ्लैक्स लगाए एवं निकाले जाते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग निजी स्थानों पर अवैध रूप से बैनर लगाते रहते हैं जिससे कि बैनर लगाने के शुल्क का भुगतान ना करना पड़ें। 
 
महापुरुषों का अपमान
नगर में किसी भी जयंती अथवा उत्सव के समय होर्डिंग की भरमार हो जाती है तथा एैसा लगता है मानों होर्डिंग लगाने की होड़ लग गई हो। रातों रात पूरा नगर होर्डिंग से पाट दिया जाता है। कई होर्डिंग में महापुरुषों सहित संतों के भी छायाचित्र होते हैं जो बाद में नही निकालने से उल्टे-सीधे टंगे रहते हैं एैसे में महापुरूषों तथा संतों का खुलेआम अपमान होता है लेकिन होर्डिंग लगाने वालों को इससे कोई सरोकार नहीं होता। विगत कुछ दिनों पूर्व वीर शिवाजी का एक होर्डिंग लंबे समय तक स्टेशन मार्ग पर उल्टा टंगा रहा।

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