सूखे से प्रभावित प्रत्येक खेत का सर्वेक्षण किया जाए: कलेक्टर

On Date : 08 November, 2017, 10:21 PM
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राज्य स्तरीय प्रबंधन समिति की बैठक में हुई समीक्षा
प्रदेश टुडे संवाददाता टीकमगढ़
कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने निर्देशित किया है कि जिले में सूखे से प्रभावित प्रत्येक खेत का सर्वेक्षण कर प्रभावित कृषकों को राहत राशि स्वीकृत की जाये। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रबंधन समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार सूखे से प्रभावित फसलों का राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के तहत सर्वेक्षण कराया जाकर प्रभावित कृषकों को राहत राशि प्रदाय कराया जाना है। उन्होंने बताया है कि जिले की सभी तहसीलें टीकमगढ़, बल्देवगढ़, जतारा, पलेरा, पृथ्वीपुर, निवाड़ी, ओरछा, खरगापुर, मोहनगढ़, लिधौरा तथा बड़ागांव (धसान) गंभीर रूप से सूखे से प्रभावित घोषित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में विशेष सतकर्ता एवं संवेदशीलता की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। श्री अग्रवाल ने इस संबंध में सभी संबंधितों को निर्देश जारी किए हैं।
संयुक्त दल गठित कर सर्वेक्षण
का कार्य कराया जाए
श्री अग्रवाल ने निर्देशित किया कि फसल क्षति के सर्वेक्षण के लिए राजस्व, कृषि, उद्यानिकी, पंचायत, सिंचाई एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों का संयुक्त दल गठन कर सर्वेक्षण का कार्य कराया जाये। सर्वेक्षण दल खेत दर खेत जाकर प्रभावित कृषकों के खेतों में लगी फसल को हुई क्षति का आंकलन करेगा। सर्वेक्षण कार्य पूर्ण होने के पश्चात प्रभावित कृषकों की सूची पढ़कर सुनाई जायेगी तथा ग्रामवासियों के दावे आपत्ति, यदि कोई हो तो प्राप्त की जायेगी। उन्होंने निर्देशित किया कि इस प्रकार प्राप्त सभी दावे आपत्तियों का निराकरण सर्वे दल द्वारा किया जाकर सूची को ग्राम पंचायतों से सत्यापित कराकर राहत राशि स्वीकृत करने के लिये तहसीलदार को प्रस्तुत किया जाए।
क्षति के वास्तविक सर्वेक्षण के बाद किया जाएगा रेण्डम निरीक्षण
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने निर्देशित किया कि फसलों की क्षति के वास्तविक सर्वेक्षण उपरान्त रेण्डम निरीक्षण संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्राधिकार में किया जाये जिससे सर्वेक्षण कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न रहें। उन्होंने निर्देशित किया कि फसल क्षति का सर्वेक्षण करने के बाद ग्रामवार प्रकरण तैयार किये जायें, जिसमें प्रभावित कृषकों के खाते का आकार, बोयी गई फसल, कुल धारित रकबा, बोया गया रकबा, लघु एवं सीमान्त कृषक तथा लघु एवं सीमान्त कृषक से भिन्न कृषक, बैंक खाता क्रमांक, समग्र आई.डी. क्रमांक एवं मोबाईल नंबर आदि का स्पष्ट रूप से उल्लेख हो।
पूर्ण विवरण रखा जाए
इस जानकारी के आधार पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अनुसार प्रत्येक तहसील कार्यालय में प्रारूप-एक में पंजी संधारित की जाये जिसमें प्राकृतिक प्रकोप से हुई हानि एवं उपलब्ध कराई गई सहायता का पूर्ण विवरण रखा जाए। सभी तहसीलदार यह सुनिश्चित करें कि सर्वेक्षण सूची का विधिवत प्रकाशन किया जाकर प्राप्त दावे, आपत्तियों का निराकरण कर दिया गया है। इस आशय के प्रमाण-पत्र का प्रकरण में उल्लेखित कर फसल क्षति के आधार पर ग्रामवार प्रकरण तैयार कर प्रावधानों के अंतर्गत सक्षम अधिकारी पात्रतानुसार राहत राशि स्वीकृत करने की कार्रवाई करें।

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