तेज गेंदबाज शिवम मावी का सपना है देश के लिए खेलना

On Date : 12 February, 2018, 12:02 PM
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नई दिल्ली: आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में अपनी गेंदों की तेजी से सभी को हैरान करने वाले भारत के तेज गेंदबाज शिवम मावी को सीनियर टीम में जाने के लिए मौके का इंतजार है. उनका कहना है कि अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे क्योंकि शीर्ष स्तर पर देश के लिए खेलना उनका सबसे बड़ा सपना है. भारत ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए अंडर-19 विश्व कप पर रिकॉर्ड चौथी बार कब्जा जमाया है. शिवम ने इस विश्व कप में अपने प्रदर्शन से सभी की वाहवाही लूटी और भविष्य की उम्मीद के तौर पर उभरे हैं.

इस विश्व कप में शिवम मावी और कमलेश नागरकोटी की जोड़ी ने अपनी तेजी और शानदार गेंदबाजी से विपक्षी टीमों के लिए परेशानियां खड़ी की थीं और अपने प्रयासों के जरिए भारत को खिताब तक पहुंचाया. कमलेश के साथ उनकी जोड़ी के बारे में शिवम से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम लोग आपस में बात करते हुए गेंदबाजी करते हैं.

शिवम ने एक इंटरव्यू में कहा, "मैं, कमलेश और ईशान पोरेल एक साथ काम करते हैं. अगर उसे विकेट मिल रहे हैं तो एक छोर से मैं रन रोकने और दबाव बनाने की कोशिश करता हूं और अगर मुझे विकेट मिल रहें तो वो रन रोकने और दबाव बानने की कोशिश करते हैं."

शिवम से जब पूछा गया कि आगे वह अपनी गेंदबाजी में क्या सुधार चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि उनका पहला लक्ष्य फिट रहना है. बकौल शिवम, "मेरी कोशिश अब अपने आप को फिट रखने की है क्योंकि तेज गेंदबाज के लिए फिटनेस ही सब कुछ होती है. इसके अलावा मैं अपनी गेंदबाजी में तेजी को बनाए रखते हुए अपनी लाइन लैंथ पर भी ध्यान देना चाहता हूं क्योंकि लाइन लैंथ काफी जरूरी है. अगर आपके पास तेजी है और लाइन लैंथ नहीं तब आप पिट सकते हैं लेकिन ज्यादा तेज नहीं फेंकते और अच्छी लाइन लैंथ हैं तो रन बचा सकते हैं."

शिवम 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक लेते हैं. उनके इसी प्रदर्शन को देखते हुए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें तीन करोड़ रुपए में खरीदा है. शिवम का आईपीएल नीलामी में बेस प्राइस 20 लाख रुपए था.

इस पर शिवम ने कहा, "इतनी रकम मिलने की तो उम्मीद नहीं थी, लेकिन अब आईपीएल में अच्छा करने पर ध्यान दूंगा. मुझे मौका मिलेगा तो अच्छा प्रदर्शन करूंगा. मेरी कोशिश अपनी फ्रेंचाइजी के भरोसे पर खरा उतरने की होगी."

शिवम का मानना है कि सीनियर टीम में जाने के लिए सिर्फ आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन मायने नहीं रखता, घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन भी काफी अहम है. शिवम ने कहा, "आईपीएल से अधिक मुझे घरेलू क्रिकेट पर ध्यान लगाना होगा और वहां बेहतर प्रदर्शन करना होगा. मुझे रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, इंडिया-ए में अच्छा करना होगा और फिर अगर मुझे सीनियर टीम में जाने का मौका मिलता है तो मैं उस मौके का पूरा फायदा उठाऊंगा."

शिवम ने साथ ही जूनियर टीम के कोच राहुल द्रविड़ की भी तारीफ की और कहा कि उनका ध्यान अच्छे से तैयारी पर रहता है. शिवम से जब राहुल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "राहुल सर हमेशा यही कहते थे कि अपनी तैयारी पर ध्यान दो और अच्छे से तैयारी करो. मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ दो और परिणाम के बारे में नहीं सोचो. हमने उनकी हर बात मानी और नतीजा आपके सामने है. हमने अपने सभी मैच काफी अच्छे अंतर से जीते."

डेल स्टेन को अपना आदर्श मानने वाले शिवम में उन्हीं के जैसा अग्रेशन भी दिखता. वह बल्लेबाज के दिमाग में डर बिठाने का काम बखूबी करते हैं. भारत के 5’9’’ का यह  गेंदबाज भले ही दिखने में तेज गेंदबाज जैसा नहीं लगता हो, लेकिन विरोधी बल्लेबाजों के दिमाग में रफ्तार से डर पैदा करना जरूर जानते हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले ही मैच में शिवम ने तीन विकेट लेकर सनसनी मचा दी थी.

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2018 में कमलेश नागरकोटी के साथ ही उत्तर प्रदेश के नोएडा के रहने वाले शिवम मावी ने भी अपनी तेज गेंदबाजी से सभी को आकर्षित किया था. शिवम मावी ने भी लगभग 145 किलोमीटर की रफ्तार से गेंद फेंककर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के पसीने छुड़ा दिए थे. मावी ने सबसे तेज गेंद 146 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी.  

न्यूजीलैंड में हो रहे अंडर 19 वर्ल्ड कप में राहुल द्रविड़ के इन दोनों 'रणबांकुरों' की रफ्तार देखकर सौरव गांगुली भी हैरान रह गए थे. गांगुली ने कमलेश नागरकोटी और शिवम मावी का जिक्र अपने टि्वटर ऑफिशियल अकाउंट पर भी किया. गांगुली ने इस ट्वीट में टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और बीसीसीआई को टैग किया और कहा कि इन दोनों पेसरों पर नजर रखी जाए. सौरव ने अंडर-19 टीम में खेल रहे तीन युवा पेसरों को सबसे तेज और जूनियर टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज करार दिया.  

शिवम 13 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे हैं. नोएडा के सेक्टर 71 में जनता फ्लैट में रहने वाले शिवम मावी के मुताबिक, एक समय उनके परिवार ने आर्थिक परेशानियों के बावजूद उनके क्रिकेट के सपने को पूरा किया.

भारत ने 'मैन ऑफ द मैच' सलामी बल्लेबाज मनजोत कालरा की शतकीय पारी की बदौलत बे ओवल मैदान पर आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम किया. ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 217 रनों के लक्ष्य को भारत ने मनजोत कालरा के नाबाद 101 रनों की बदौलत 38.5 ओवरों में आठ विकेट रहते ही हासिल कर लिया. कालरा के अलावा भारत के लिए शुभमन गिल ने 31 और विकेटकीपर हार्विक देसाई ने 47 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया खिताबी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.2 ओवरों में 216 रनों पर सिमट गई.

भारत ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है. इससे पहले वह, 2000 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में, 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में और 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में विश्व विजेता बन चुका है. वहीं भारत ने लगातार दूसरी बार फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को मात दी. 2012 में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए खिताबी जीत हासिल की थी.

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