दिल्ली-NCR में बैन के बाद ऑनलाईन बिकेंगे पटाखे

On Date : 12 October, 2017, 4:27 PM
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नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कारोबारियों ने बिक्री का नया तरीका ढूंढ लिया है। स्टॉकिस्ट पटाखों को ऑनलाईन बेचने की तैयारी में हैं। वे पटाखा ऑर्डर करने वाले ग्राहकों को होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध करेंगे।

जी हाँ! पटाखों की खरीददारी के लिए दिल्ली-एनसीआर के लोगों को वॉट्सऐप पर ऑर्डर करना होगा। एक ऑनलाइन स्टोर क अनुसार, पटाखा खरीदने वालों को 50 प्रतिशत का भुगतान पहले देना होगा और ऑर्डर वॉटसएप पर करना होगा। दिवाली से एक दिन पहले तक पटाखों की डिलिवरी हो जाएगी। पटाखा बेचने वाले दुकानदार अपनी दुकानों पर मिट्टी के दिए बेचना शुरु कर दिए हैं, यदि उनसे पटाखों के बारे में पूछे जाने पर पहले तो वे मना कर देते हैं बाद में ऑनलाइन पेमेंट के बदले में पटाखे देने की बात करते हैं।

वहीं एक पटाखे बेचने वाली वेबसाईट buyonlinecrackers.com का कहना है कि, हमने कीमतें कम कर दी हैं। आपको बल्क में ऑर्डर करना होगा और अडवांस पैसे देने होंगे। आपके पास दिवाली से पहले सामान की डिलिवरी हो जाएगी। पूर्वी दिल्ली के विशाल इंटरप्राइजेज के अधिकारी के अनुसार 5,000 रुपये तक का ऑर्डर प्लेस करना होगा और उसका स्क्रीनशॉट भेजना होगा। पेमेंट किसी ई-वालेट के जरिए करनी होगी। पेमेंट मिलने के बाद ही डिलिवरी की जाएगी।

बुधवार को अधिसूचना जारी करने के बाद करीब 400 पटाखा कारोबारियों को लाइसेंस रद्द कर दिए गए। पहाडग़ंज के एक कारोबारी ने बताया, हमें दिवाली से दो महीने पहले लाइसेंस मिले थे और उसके अनुसार ही हमने अपना स्टॉक मंगा लिया था। अब इसमें से ज्यादातर को हम मित्रों और रिश्तेदारों में बांट देंगे। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि, कोर्ट अपने आदेश पर बना रहता है तो हमें कुछ तरीके ढूंढने होंगे जिससे हम अपना स्टॉक निकाल सकें। हम पूरे साल बचत करके ही दिवाली में दुकान सजाते हैं, लेकिन अचानक लगे इस बैन ने हमें बहुत विपरीत स्थिति में डाल दिया है। सदर बाजार में दुकानदारों ने गोदामों में पटाखों का स्टॉक रखा है और इनकी कीमत लाखों में है।

पटाखा कारोबारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की काट तलाशने में जुट गए हैं। अपने माल को खपाने के लिए वे मोहल्लेवार एजेंटों की चेन तैयार कर रहे हैं। पटाखे के एक पैकेट पर कमिशन का रेट 10 से लेकर 500 रुपये तक है। डिलीवरी होने वाला पटाखा जितना बड़ा और महंगा होगा, उस पर उतना ही अधिक कमिशन मिलेगा। इसके अलावा कोड वर्ड का सहारा लिया जा रहा है। इसमें आलू का मतलब सुतली बम तो पेंसिल का रॉकेट है। वहीं, पटाखों का प्रचार वॉट्सऐप के जरिये किया जा रहा है।

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