सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को एक सप्ताह में निराकृत करें : कलेक्टर

On Date : 12 September, 2017, 6:04 PM
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ढील बरतने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज
प्रदेश टुडे संवाददाता, मुरैना

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को एक सप्ताह के अंदर निराकृत करें। अगर इसके बाद अगर कोई शिकायत सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दिखाई देती है तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई होगी। यह निर्देश कलेक्टर भास्कर लक्षकार ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में टीएल बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर के समक्ष वेटनरी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि पीडब्ल्यूडी को विगत वर्ष में 27 निर्माण विकास कार्यों के लिए करीबन 1 करोड़ से अधिक राशि आवंटित की गई थी, इसके साथ ही संबंधित स्थानों के लिए भूमि का आवंटन कराकर सूची भी उपलब्ध करा दी गई थी, किंतु आज  तक कार्य पूर्ण नहीं कराए गए हैं। इस पर कलेक्टर भास्कर लक्षकार ने कहा कि पीडब्ल्यूडी कार्य को गंभीरता से ले ओर टेंडर प्रक्रिया कर कार्य पूर्ण कराए जाएं।
कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि पटवारियों से फसल आॅनलाइन कराई जाए, ताकि गिरदावरी एप्प के प्रयोग में जिले की स्थिति में शीघ्र सुधार हो। इसमें लापरवाही बरतने पर पटवारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्री लक्षकार ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में एक वर्ष से अधिक समय के प्रकरण लंबित न रहें और जल्दबाजी में ऐसा कोई निराकरण न करें जिससे विभाग की छवि धूमिल हो। उन्होंने कहा कि डिप्टी कलेक्टर आरबी नाडिया जिले में अनुविभागीय आॅफिस, तहसील भवन, टप्पा तहसील भवन एवं आवास की क्या स्थिति है क्या निर्माण कराए जाने हैं इस संबंध में जानकारी शासन को भिजवाएं। इसके साथ ही उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के फॉर्म भरे जा रहे हैं प्राइवेट स्कूलों में जितने प्रवेश हुए हैं और जितनी विद्यालय की क्षमता है उतने ही बोर्ड फॉर्म भराए जाएं, अगर 200 प्रवेश होने पर विद्यालय में बोर्ड फॉर्म दो हजार भराए गए तो शिक्षा विभाग की लापरवाही मानी जाएगी। शिक्षा विभाग इस संबंध में प्राइवेट स्कूलों में सख्ती से कार्रवाई करे।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर एसके मिश्रा, आयुक्त नगरनिगम, एसडीएम, तहसीलदार, संबंधित जिला अधिकारी, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित थे।

कम वर्षा से हुए नुकसान से बचने की तैयारी करें
मुरैना। जिले में खरीफ फसल को हुए नुकसान का ध्यान रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं में क्या सकारात्मक पहल की जा सकती है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की आगामी दिनों में कहां कितनी आवश्यकता पडेÞगी। इसके लिए अधिकारी जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे कम वर्षा से हुए नुकसान से बचने की तैयारी की जा सके। उक्त निर्देश कलेक्टर भास्कर लक्षकार ने कम वर्षा से होने वाली फसलों के नुकसान एवं रबी फसल बुवाई, खाद एवं पानी के प्रबंध के संबंध में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि रबी फसल के लिए कम पानी वाली फसलें जैसे सरसों, चना, मसूर, अल्सी, सौंहा आदि की रूपाई करें। इसके लिए उन्नत नस्ल के बीज-खाद की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग, ग्राम पंचायत एवं अन्य विभागों से जुडेÞ मैदानी अधिकारी-कर्मचारी किसानों को कम पानी वाली फसलों की बुवाई करने के लिए प्रेरित करें।कलेक्टर ने कहा कि आने वाले दिनों में पानी की स्थिति और भी जटिल होती जा रही है इसलिए किसानों को ड्रिप स्प्रिकिलर पद्धति को अपनाना चाहिए जिससे कम पानी में अच्छी पैदावार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जिले में नवीन हैंडपंप, ट्यूबवेल खनन को प्रतिबंधित किया जाए और निजी ट्यूबवेल के समीप सोकपिट बनवाए जाएं। बैठक में अपर कलेक्टर एसके मिश्रा, समस्त एसडीएम कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, पीएचई के अधिकारी उपस्थित थे।

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