पूर्व सरपंच-सचिवों ने किया भ्रष्टाचार फर्जी मस्टर रोल से हड़पे लाखों रुपए

On Date : 01 January, 2018, 10:20 PM
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ग्राम पंचायत सोमगांव कलॉ के पंचों ने शिकायत में लगाये गंभीर आरोप
प्रदेश टुडे संवाददाता, खिरकिया
जनपद पंचायत खिरकिया के अंतर्गत आने वाली कुछ पंचायतें भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी हैं। सरपंच, सचिव और मैदानी कर्मचारी अधिकारी की मिलीभगत और जिम्मेदार अफसर सीईओ द्वारा समय पर कार्यवाही नहीं करने के कारण पंचायतों में लाखों रूपये के भ्रष्टाचार उजागर हो रहे हैं। ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत सोमगांव में देखने को मिला है। ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच और सचिवों की सांठ-गांठ के चलते फर्जी मस्टर रोल से लाखों रूपये की राशि का आहरण किया गया है। ग्राम पंचायत के ही पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्राम पंचायत सोमगांव के पूर्व सरपंच एवं सचिवों की शिकायत लगातार की जा रही है। लेकिन जनपद पंचायत स्तर पर उन्हे संरक्षण दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत सोमगांव के पंच शिवदास बोरदे, रतन मीणा, संदीप ठाकुर, गोपाल टेलर ने मय फर्जी मस्टररोल और सबूतों के साथ जनपद पंचायत के सीईओ से ग्रामपंचायत के सरपंच दुर्गा बाई पति रामभरोस और तात्कालीन सचिवों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत मुख्यमंत्री हेल्प लाई, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, आौर जनपद पंचायत के सीईओ से की है। ग्राम पंचायत सोमगांव में 2010 से 2015 के बीच लाखों रूपये के घोटाले किये गये हंै।

कर्मचारी और संपन्न लोगों के नाम से निकाल लिए हजारों रुपए
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि लगभग 60 ऐसे लोग जो साधन संपन्न है, जिनके पास जॉब कार्ड नहीं है, जिन्होंने मजदूरी नहीं की है, उनके नाम से प्रति व्यक्ति लगभग 20 से 30 हजार रूपये की राशि का फर्जी मस्टररोल लगाकर आहरण किया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि जिन लोगों के फर्जी मस्ट्रोल लगाए गए हैं उसमें जमीन जायजाद वाले लोग तो है ही, उससे भी एक कदम आगे बड़कर सरपंच और सचिवों द्वारा जो व्यक्ति फौत हो चुके, जो सरकारी कर्मचारी है उनके नाम से ही फर्जी मस्ट्रोल लगाकर राशि का आहरण किया गया है। बताया तो यह भी गया है कि जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों के नाम से भी फर्जी मस्ट्रोल लगाकर राशि का आहरण किया गया है। जिनके नामों का भी प्रदेश टुडे द्वारा पड़ताल कर खुलासा किया जावेगा।
राशि निकली पर मैदान गायब
ग्राम पंचायत सोमगांव के वर्तमान पंच शिवदास बोरदे ने आरोप लगाते हुए बताया है कि सिर्फ फर्जी मस्टर रोल ही नहीं, प्राथमिक और माध्यमिक शाला में खेल मैदान बनाने के नाम से भी राशि का आहरण तो किया गया था, लेकिन मौके पर खेल मैदान नहीं है। पूर्व सरपंच और सचिवों द्वारा मुक्तिधाम के निर्माण कार्यो में भी गंभीर अनियमित्ताऐं कर भ्रष्टाचार किया गया है।

12 लाख निकालने के बाद पंचायत भवन अधर में
ग्राम पंचायत सोमगांव कला में राजीव गांधी सेवा केन्द्र निर्माण के लिए 14 लाख 85 हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें से लगभग 12 लाख रूपये की राशि आहरण कर ली गई है, लेकिन भवन अभी भी खण्डहर स्थिति में पड़ा हुआ है। शिवदास बोरदे ने कहा है कि भवन निर्माण में भी भ्रष्टाचार किया है। ग्रामपंचात के पास कोई भवन नहीं है, पेड़ के नीचे बैठकें होती हैं। जबकि सोमगांव कलॉ आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों कलस्टर है, जनपद एवं जिले के अधिकारी यहां पर आते हैं। इंजीनियर, पंचायत इंस्पेक्टर, सरपंच-सचिव की मिलीभगत के कारण न तो भवन का कार्य समय सीमा में किया  है और न अधिकारियों द्वारा अनियमित्ता करने वालों पर कार्यवाही की गई है। जिससे ग्राम पंचायत के तात्कालीन सरपंच, सचिव, इंजीनियर समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के हौसले बुलंद है।

इनका कहना है
मेरे द्वारा कोई भ्रष्टाचार नहीं किया गया है। फर्जी मस्टर रोल में उन्हीं के नाम लिखे गये हैं जिन्होंने काम किया है। तात्कालीन सीईओ प्रतिष्ठा जैन के कहने पर पंचायत भवन की राशि रोड बनाने में खर्च की गई थी।
: रामभरोस पटवारे, पूर्व सरपंच प्रतिनिध दुर्गाबाई पटवारे, सोमगांव कलॉ

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