शहर में 200 स्थानों पर विराजेंगे गणपति बप्पा

On Date : 20 August, 2017, 9:58 PM
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गणेशोत्सव 25 से  मिट्टी से ले रही गणेश प्रतिमाएं आकार, अंतिम चरणों में चल रही तैयारी
 
प्रदेश टुडे संवाददाता, विदिशा
गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर शहर में उमंग और उल्लास का वातावरण दिखाई देने लगा हैं।। जहां मुर्तिकार मिटटी की प्रतिमाओं का निर्माण कर रहें है तो वहीं कई लोग घरो में भी मिटटी से ही प्रतिमाएं बना रहें हैं। करीब एक दर्जन स्थानों पर बनने वाली गणेश प्रतिमाओं अब अंतिम रूप ले रही हैं। इस बार मुर्तिकारों ने पीओपी और केमिकल का प्रयोग ना कर सिर्फ मिटटी का प्रयोग कर मुर्तियों का निर्माण किया हैं। 
हर बार प्रशासन के अधिकारी एनजीटी के निर्देश का हवाला लेकर मुर्तिकारों को परेशान करते थे लेकिन इस बार मुर्तिकारों ने शुरू से ही सिर्फ मिटटी का उपयोग कर मुर्तियों को बनाया हैं। रामलीला, कुम्हार गली तोपपुरा, बस स्टेण्ड डण्डापुरा, सहित अनेक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा हैं। कुम्हार गली में मुर्ति बनाने वाले मुर्तिकार अशोक प्रजापति बताते हैं कि उनके दादाजी के समय से वह मुर्तियों को बनातें थे। जिनमें पीओपी सहित केमिकल उपयोग किया जाता था लेकिन पहलीबार अकेले मिटटी से मुर्तियों को निर्माण किया किया जा रहा हैं। उन्होने बताया कि मिटटी की प्रतिमाएं बनाने में चटकने का डर बना रहता हैं बाकिं कोई दिक्कत नहीं होती हैं। यदि मुर्ति पांडाल में जाने से पहले चटक जाए तो ग्राहक परेशान करने लगते है कभी कभी तो मुर्ति नहीं खरीदते जिससे उन्हे नुकसान उठाने की संभावना बनी रहती हैं। 
उन्होने एक फिट से लेकर 12 फिट तक की मुर्तियों का निर्माण किया हैं जिनमें भी ज्यादातर मुर्ति आर्डर पर बनी हैं। इस बार विशेष रूप से बाहुबली फिल्म की तर्ज पर प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा हैं। मुर्तियां को बनाने के लिए उन्होने कलकत्ता और जबलपुर से भी कलाकारों को बुलवाया हैं। उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार ही मुर्तियों का निर्माण किया जा रहा हैं। 

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