संस्कारों से परिपूर्ण स्वर्णकार समाज

On Date : 28 February, 2016, 9:09 PM
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खरगोन।  अहिर  सुवर्णकार समाज संस्कृति और संस्कारों से परिपूर्ण है। संस्कार व जिसमें संस्कृति समाहित होती है और संस्कृति वह जो संस्कारों में दिखाई देती है। गहनों की आवश्यकता हिंदू व अन्य समाजों से जुड़े हर व्यक्ति को आकर्षित करती है। ज्यादातर महिलाएं सोने से बने आभूषण की ओर अक्सर लालायित रहती है। संस्कारों से परिपुर्ण इसी समाज ने महिला और पुरुषों के सौंदर्य को बढ़ाने का काम किया है। उक्त उद्गार संतश्री नरहरि पुण्य स्मृति पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाज अध्यक्ष डॉ. शरदचंद्र दिंडोरकर ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा समाज की संगठनात्मक क्षमता के आधार पर ही एकजुटता के साथ ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। भले ही शहर में समाज की उपस्थिति नगण्य हो लेकिन अपना एक अलग महत्व रखता है। खंडवा रोड़ स्थित एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में अहिर सुवर्णकार समाज के भगिनी और बंधू शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान संतश्री नरहरि महाराज की विशेष पूजा-अर्चना के बाद महाआरती कर समाजजनों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।

निकली शोभायात्रा
संतश्री नरहरि महाराज के पुण्य स्मरण पर आयोजित भव्य शोभायात्रा के दौरान रास्तेभर विट्ठल-विट्ठल विट्ठला हरिओम विट्ठला जैसे भक्ति गीत से समूचा शहर गुंजायमान होता रहा।  फूलों से सुसज्जित बग्घी पर महाराजश्री का आदमकद चित्र विराजित किया गया था। भक्ति गीतों पर महिला-पुरुष श्री हरि की भक्ति में लीन नजर आए।

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