गुजरात चुनाव: बीजेपी-कांग्रेस के बीच जंग , दोनों खेमों ...

On Date : 07 December, 2017, 10:36 AM
0 Comments
Share |

नई दिल्ली: गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच करीबी मुकाबला होने की संभावना है. इस चरण के लिए आज यानी गुरुवार को प्रचार अभियान समाप्त हो जाएगा. वर्ष 2012 में हुए चुनाव में विधानसभा की 182 सीटों में से कांग्रेस को 61 सीटें मिली थी. भाजपा को 115 सीटों पर जीत हासिल हुई थी.  

मजेदार बात यह है कि गुजरात में दोनों पार्टियों की रणनीति राजस्थान के दो नेता तय कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से जहां चुनावी रणनीति राजस्थान के भाजपा नेता भूपेंद्र यादव तैयार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कुछ इसी तरह की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. गहलोत कांग्रेस की ओर से गुजरात चुनाव के प्रभारी हैं. दोनों नेता अपनी-अपनी पार्टी के गुजरात प्रभारी हैं. ऐसे में असल में देखा जाए तो गुजरात चुनाव में असली जंग इन दोनों राजस्थानी दिग्गजों के बीच है. हालांकि, 18 दिसंबर को होने वाली मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किसकी रणनीति सफल हुई और किसकी फेल.  

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछले दो महीने से अधिक समय से गुजरात में हैं. गहलोत ने गुजरात में पार्टी के बड़े नेताओं के बीच समन्वय बनाने की पूरी कोशिश की है. पार्टी ने रणनीति के तहत अपना सीएम उम्मीदवार भी घोषित नहीं किया है ताकि सूबे के दिग्गज नेताओं के बीच फूट को रोका जा सके. गहलोत ने रूपाणी सरकार की कमजोरियों और सत्ता विरोधी रुझानों को ध्यान में रखकर नए समीकरण बनाए हैं. हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर को अपने पाले में लाने में गहलोत ने अहम भूमिका निभाई. राहुल गांधी का कब और कहां दौरा होगा, यहां भी गहलोत की ओर से ही तय किया जा रहा है.

उधर, गुजरात के भाजपा प्रभारी किले को बचाने के लिए जुटे हुए हैं. अशोक गहलोत के हर वार की काट निकाल रहे हैं जिससे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के 150 के लक्ष्य को हासिल करके प्रदेश में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनाई जा सके. भूपेंद्र यादव ने रणनीति के तहत ही पाटीदार बहुत इलाकों में पाटीदार उम्मीदवार उतारे हैं ताकि पटेल वोटों का विभाजन करके अन्य तबके के वोट बटोरकर पार्टी की जीत सुनिश्चित की जा सके. इतना ही नहीं, उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों की फौज भी अपने प्लान के तहत चुनाव प्रचार में उतारी है. मसलन हिंदी भाषी इलाकों में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से प्रचार करवाया है. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी फिर से चुनाव प्रचार में उतारने की तैयारी है.

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार