हेल्पलाइन-ग्रामोदय के भरोसे CEO और कलेक्टरों की CR

On Date : 21 April, 2017, 1:51 PM
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सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर खरे न उतरे तो गिरेगी गाज
पब्लिक डोमेन में हर दिन होगा अपडेट, राज्य सरकार कर रही तैयारी
प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल :
सीएम हेल्पलाइन को और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार एक ऐसा पब्लिक डोमेन तैयार करने जा रही है, जिसमें कोई भी व्यक्ति अपने जिले के कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगर निगम के कमिश्नर का परफारमेंस जान सकेगा। इन अफसरों की हर दिन रेकिंग की जायेगी तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समीक्षा बैठकों में सीएम हेल्पलाइन को प्राथमिकता में रखेंगे।

आम लोगों की शिकायतें और समस्याओं का निराकरण करने के लिए मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन को माध्यम बनाया है। कोई भी व्यक्ति सीएम हेल्पलाइन में जाकर अपनी बात कह सकता है। प्रकरण पंजीबद्ध होते ही संबंधित अधिकारी चार स्तर पर निराकरण करते हैं। सबसे ज्यादा जिम्मेदारी जिले के कलेक्टर को सौंपी गई है। इसके बाद जिले के अन्य अधिकारी आते हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक में कई जिलों के कलेक्टरों को फटकार लगाते हुये कहा था कि सीएम हेल्पलाइन को औपचारिक नहीं समझें। यह व्यवस्था कलेक्टरों का परफारमेंस तय करेगी। इसके बाद से सीएम हेल्प लाइन को और प्रभावी बनाया जा रहा है।

पहले कलेक्टरों का परफारमेंस
उल्लेखनीय है कि सीएम हेल्पलाइन में कलेक्टरों के फरफारमेंस को अपलोड करना शुरू कर दिया गया है। हर दिन कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत या समस्या का स्टेटस जान सकता है। वह यह भी पता कर सकता है कि किस जिले में कितने प्रकरण लंबित हैं या कितने निराकृत हुये। आगे व्यवस्था की जा रही है कि सीईओ जिला पंचायत और नगर निगम आयुक्त की रेंकिंग भी पता चलेगी। चरणबद्ध कार्यक्रम के अनुसार एक दिन जिले के हर अधिकारी के परफारमेंस की जानकारी अपलोड की जायेगी।

परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट में खुद दर्ज करना होगा अभियान में किया कितना काम
प्रशासनिक संवाददाता, भोपाल :
ग्रामोदय में कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की रुचि और बेहतर काम अब उनकी सीआर का पैमाना बनेगा। राज्य शासन ने इन अधिकारियों की परफारमेंस अप्रेजल रिपोर्ट में अब ग्रामोदय की प्रगति दर्ज किए जाने के निर्देश दिए है।

जीएडी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की वर्ष 2016-17 की परफारमेंस अप्रेजल रिपोर्ट में (पीएआर) मतांकन करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को इसके लिए नए निर्देश जारी किए है। अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को हर साल 31 दिसंबर तक की अवधि में आॅनलाइन पीएआर भरना होता है।  31 दिसंबर के बाद आॅनलाइन कोई भी मतांकन नहीं किया जा सकेगा। एक नवंबर 2016 से 31 मार्च 2017 की अवधि के वार्षिक पीएआर जीएडी जारी कर संबंधित अधिकारियों को स्वमूल्यांकन के लिए भेज रहा है। इस बार पीएआर में ग्रामोदय को भी शमिल किया गया है। जिला कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की ग्रामोदय अभियान में प्रमुख भूमिका होती है। इस बार उनके निर्देशन में ग्रामोदय की प्रगति क्या रही। कहां वे पीछे रहे और किन मामलों में वे आगे रहे इसका उल्लेख उनकी पीएआर में किया जाएगा। कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ अपने गोपनीय प्रतिवेदन में ग्रामोदय की प्रगति की पूरी जानकारी भरेंगे। और जिन अधिकारियों द्वारा इस सीआर की रिपोर्टिंग और समीक्षा की जाना है और जो इस सीआर को अंतिम रूप से स्वीकार कर सहमति देते है उन सभी अधिकारियों के मत भी ग्रामोदय के कामों को लेकर दर्ज किए जाएंगे। इन सभी अधिकारियों को भी कहा गया है कि वे जिन कलेक्टर और जिला पंचायतों के सीईओ की सीआर तैयार कर रहे है और उस पर अपना मत दर्ज कर रहे है वे ग्रामोदय की प्रगति के संबंध में वे अपना मत जरुर लिखे।

ग्रामोदय अभियान में जिन कलेक्टर और सीईओ ने जुटकर काम किया है और बेहतर परफारमेंस दर्ज कराया है वह अब उनकी सीआर को भी बेहतर करने में मददगार होगा। लेकिन जिन अफसरों ने ग्रामोदय को फौरी तौर पर लिया है और इस दौरान वे उल्लेखनीय प्रगति हासिल नहीं कर पाए उनकी सीआर इसके चलते खराब भी हो सकती है।

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