होली आ गई ओ मन बसिया...

On Date : 12 January, 2018, 4:13 PM
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मेले के कला रंगमंच पर रासलीला और कत्थक की प्रस्तुति

प्रदेश टुडे संवाददाता, ग्वालियर
धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से त्योहार भारतीय जनमानस में प्रेम और उल्लास के पर्याय हैं। लेकिन रंगों के त्योहार होली की बात ही कुछ निराली है और बात अगर बृज की होली की हो तो फिर कहने ही क्या। भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की इसी मनोहारी झांकी के साथ बृज की होली के दर्शन हुए व्यापार मेला के कला रंगमंच पर।  जहां श्री हरिकृष्ण रासलीला मंडल वृंदावन के रासाचार्य स्वामी रसिया लाल शर्मा के निर्देशन में पांच दिवसीय रासलीला के आखरी दिन बृज की होली का आयोजन किया गया।  आज बृज में होरी रे रसिया, होरी तो होरी बरजोरी रे रसिया........उड़त अबीर गुलाल कुमकुमा, जैसे ही नंदगांव के हुरियारों की टोली यह गीत गाते आती है तो पूरे बरसाने में रंगों की बहार छा जाती है।
मेरे रश्के कमर गाने से धूम मचा देने वाले सोनी टीवी फेम आधुनिक किशोर कुमार कहे जाने वाले अनिल श्रीवास्तव की आवाज का शुक्रवार को जादू चलेगा।  मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 12 जनवरी को शाम 7 बजे कला मंदिर रंगमंच पर बॉलीवुड नाइट का आयोजन किया जाएगा।
आत्मा को पवित्र और दिव्य गुणों से पूर्ण बनाता है राजयोग: माया सिंह
परमपिता परमात्मा द्वारा सर्व मनुष्य आत्माओं के कल्याणार्थ सिखाया जाने वाला राजयोग सर्वश्रेष्ठ ध्यानाभास है। राजयोग एक ऐसा अभ्यास है जो हमारे तन और मन को निरोगी करने के साथ-साथ आत्मा को पवित्र और दिव्य गुणों से सम्पन्न व परिपूर्ण बनाता है।  यह बात नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह ने कही। उन्होंने यह बात ग्वालियर व्यापार मेला में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के उपक्षेत्रीय मुख्यालय गोल्डन वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर मालनपुर की ओर से सर्व समस्याओं का समाधान राजयोग मेडीटेशन सेंटर का शुभारंभ करते हुए कही।\






 
     इस मौके पर राज्य सामान्य निर्धन वर्ग आयोग के अध्यक्ष बालेंदु शुक्ल, मेला प्राधिकरण के सचिव शैलेंद्र मिश्रा एवं पंडित महेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।
मं़त्री माया सिंह ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी नैतिक और अध्यात्म के तौर पर मानव जीवन को सकारात्मक सोच के बदलाव कर बेहतर बनाने का कार्य कर रहा है और मानव उत्थान में अपना योगदान दे रहा है। ब्रहमाकुमारी के सानिध्य में आकर डाकू भी संत बन जाता है और लोगों का जीवन बदल जाता है। मन बुद्धि के जो कार्य हम बार-बार करते हैं वह हमारा संस्कार बनता है। संस्कारों को बेहतर बनाना और देशहित में उनका उपयोग करना केंद्र पर आकर सीखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय समाज में अत्याधिक तनाव, चिंता एवं भय का वातावरण है। वास्तव में कोई भी नहीं चाहता कि वह तनाव एवं चिंता ग्रस्त रहे। लोगों को इस समस्या से मुक्ति दिलाने में राजयोग ध्यान केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इससे पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश बहन ने अतिथियों का स्वागत कर उन्हें मेडीटेशन केंद्र के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन बहादुर सिंह ने एवं आभार व्यक्त ज्योति बहन ने किया।
 इस दौरान आदर्श बहन, सुधा बहन, रुकमिणी बहन एवं पीआरओ आशीष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे।

ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में 14 जनवरी को अलग ही नजारा होगा। मेला परिसर सहित आसपास के क्षेत्र के आसमान में सतरंगी पतंगें अठखेलियां करती दिखाई देंगी। मौका होगा इस दिन यहां आयोजित होने जा रहे आठवें मधुवन ग्वालियर पतंग उत्सव का। इस प्रतियोगिता में युवाओं के साथ बुजुर्ग व महिलाएं भी अपने-अपने वर्ग में पतंग के पेंच लड़ाएंगी। विभिन्न वर्गों में आयोजित होने जा रही इस प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कार मिलेंगे।

सुरभि के एकल कत्थक नृत्य ने छोड़ी छाप
मेला के कला रंगमंच पर आयोजित किए जा रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में इंदौर की सुरभि शितुल ने कत्थक नृत्य की एकल प्रस्तुति दी।  सुश्री सुरभि ने सेंदुर लाल चढ़ाओं... श्री गणेशा देव: गणेश वंदना  कत्थक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत की।  रायगढ़ और जयपुर घराने की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अब लखनऊ घराने की शिक्षा प्राप्त कर रही सुरभि की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों के दिलों दिमाग पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। शानदार प्रस्तुति पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कोषालय अधिकारी योेगेंद्र सक्सेना एवं मेला प्राधिकरण सचिव शैलेंद्र मिश्रा ने सुरभि शितुल को सम्मानित किया।

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