मैं मंत्री नहीं बनती : महा मंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण

On Date : 11 April, 2018, 10:09 PM
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इंदौर। यदि मेरे पास राज्य मंत्री बनने का आॅफर आता तो मैं उसे ठुकरा देती। ये बात समाजसेविका किन्नर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने रिलीजन कॉन्क्लेव हमसाज में कही। बुधवार को अंबर गार्डन में शुरू हुए दो दिनी इस आयोजन में 25 से ज्यादा धर्म-समाज के गुरुजन शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में धर्मगुरु वर्तमान में धर्म और समाज को लेकर अपनी बात रखेंगे। बुधवार को कॉनक्लेव में जब लक्ष्मी नारायण से मप्र सरकार द्वारा बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास राज्यमंत्री बनने का आॅफर आएगा तो वह उसे क्यों ठुकराएगा। हालांकि मैं इस बात से इत्तेफाक नहीं रखती। मप्र सरकार यदि राज्यमंत्री बनाने का आॅफर देती तो मैं उसे ठुकरा देती। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी नारायण एक खुली किताब है, मैंने दो किताबें लिखी हैं, मैं किन्नर या महामंडलेश्वर बाद में हूं, पहले मैं एक भारतीय हूं। मैं समाज सदैव समाज के लिए जीती हूं।

कौन है लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी?
ठाणे में जन्मीं लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हाईप्रोफाइल किन्नर हैं। वे सच का सामना और सलमान खान के रिएलिटी शो बिग बॉस में भी हिस्सा ले चुकी हैं। उनकी लिखी किताब मी हिजड़ा, मी लक्ष्मी देशभर में चर्चा का विषय रही है। अब इस किताब का अंग्रेजी अनुवाद भी आने वाला है। लक्ष्मी किन्नरों पर केंद्रित एक फिल्म उपेक्षा प्रोड्यूस कर रही हैं। इसमें राखी सावंत लीड रोल में होंगी। लक्ष्मी शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम में भी पारंगत हैं। वे किन्नरों के हक के लिए काफी एक्टिव हैं और कई एनजीओ से जुड़ी हैं।

किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हैं लक्ष्मी
मप्र के उज्जैन हुए सिंहस्थ में किन्नर अखाड़े किन्नर का गठन किया गया था। जिसमें लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को महामंडलेश्वर बनाया गया था। अखाड़े में महामंडलेश्वर के अलावा 5 शहरों से आए किन्नरों को पीठाधीश्वर बनाया गया। था इसमें जयपुर की पुष्पा गुरु, बड़ौदा की पायल गुरु, नलखेड़ा की पीतांबरा, नासिक की पायल गुरु और दिल्ली की किन्नर गुरु को पीठाधीश की पदवी दी थी।

कौन-कौन शिरकत कर रहे आयोजन में
संस्था निनाद और अदबी कुनबा के इस आयोजन में भय्यू महाराज, डॉ. अब्देअली सैफुद्दीन, दाती महाराज मदन राजस्थानी, आचार्य डॉ. लोकेश मुनि, डॉ. हरबनसिंह, महामंडलेश्वर केशवदास महाराज सहित कई बड़ी शख्सियतें शिरकत कर रही है। इसके अलावा मंहत साध्वी प्रज्ञा भारती वृंदावन, हाजी सैय्यद सलमान चिश्ती, अजमेर, डॉ. निलिम्प त्रिपाठी, ब्रह्मकुमारी उर्मिला देवी, प्रो. सैय्यद अली मोहम्मद नकवी, लक्ष्मीनारयण त्रिपाठी और तैय्यबा मोइन फातिमा सहित कई विद्वान भी आए हैं।

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