ISL-4 : जानिए क्या उम्मीदें है कोचों को अपनी टीम से?

On Date : 14 November, 2017, 10:46 AM
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मुंबई : हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के सीजन-4 में सभी टीमों के कोच अपनी-अपनी टीमों के खिलाड़ियों को जीवंत और आक्रामक फुटबाल खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. आईएसएल के बीते तीन सीजनों में कुल 183 मैच खेले गए हैं, और इनमें हिस्सा लेने वाली आठ टीमों ने प्रति मैच में 2.51 के औसत से कुल 460 गोल किए हैं. मुंबई में आयोजित हुए आईएसएल मीडिया-डे को देखा जाए, तो यह संख्या निश्चित तौर पर बढ़ने वाली है.

इस आयोजन में शामिल हुए मुख्य कोचों ने इस बात को लेकर स्पष्ट राय रखी है कि वे लीग के चौथे सीजन में अपने खिलाड़ियों को आक्रामक खेल दर्शाते देखना चाहेंगे. हर कोच यही चाहता है कि इस लीग के माध्यम से फुटबाल प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन हो. केरला ब्लास्टर्स के सहायक कोच थोंगबोई सिंगटो इस बात पर सहमति जताते नजर आए. उन्होंने सहायक के तौर पर वर्षो काम करके मिले अनुभव से हासिल कई चीजों को आईएसएल में आजमाने की तैयारी कर ली है.

इसी तरह पहली बार आईएसएल में कोच की भूमिका निभा रहे एफसी गोवा के सर्गियो लोबेराए एफसी पुणे सिटी के रैंको पेपोविक और चेन्नईयन एफसी के जॉन ग्रेगरी ने भी साफ कर दिया कि उनकी टीमें भी जीतने के लिए खेलेंगी. इन सबने एक स्वर में पुरातन शैली के फुटबाल से दूर रहने की बात कही.

मुम्बई सिटी एफसी के कोच एलेक्सजेंडर गुइमाराएस ने कहा कि इस सीजन में उन्हें अलग शैली की फुटबाल को आजमाते देखा जा सकता है. बीते साल गुइमाराएस ने काफी काम्पैक्ट शैली की फुटबाल के साथ अपनी टीम को आईएसएल तालिका में शीर्ष पर पहुंचाया था. इसके अलावा बेंगलुरू सिटी एफसी के कोच एल्बटरे रोक्का पहले ही हीरो आईलीग में प्रयोग की अपनी क्षमता को दर्शा चुके हैं. उनकी टीम पहली बार आईएसएल में खेल रही है.

साल 1997 से 2006 तक एफसी बार्सिलोना की युवा टीम के कोच रहे लोबेरा ने कहा, "मैं चाहता हूं कि मेरी टीम फुटबाल को अपने पास रखे और जब छिन जाए तो उसे दोबारा हासिल करे. मैं खिलाड़ियों को क्रियात्मक रूप से खेलते हुए देखना चाहता हूं और मेरा यह मानना है कि आपके पास फुटबाल जितने अधिक समय तक रहेगी, आपको उतना ही कम दौड़ना पड़ेगा. मैं बार्सिलोना की शैली में घुला मिला हूं और इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मेरी टीम किस तरह से खेलने की कोशिश करेगी."

फसी पुणे सिटी के सर्बियाई कोच पेपोविक भारतीय मीडिया के साथ अपने पहले साक्षात्कार में काफी विनोदी अंदाज में दिखे. इसका मतलब यही लगाया जा सकता है कि वह भी चाहते हैं कि उनकी टीम भी काफी प्रभावशाली अंदाज में खेले. उन्होंने कहा, "फुटबाल का लक्ष्य मनोरंजन होना चाहिए. यह खुशी-खुशी खेला जाना चाहिए. यह आकर्षक होना चाहिए. निश्चित तौर पर आपको परिणाम के लिए प्रयास करना होगा. ऐसे में मेरी टीम हालात के हिसाब से अंतिम क्षण तक लड़ने के लिए तैयार है."

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