भैरा रेत घाट व डिगौनी में खुलेआम चल रहा रेत का अवैध उत्खनन

On Date : 20 December, 2017, 11:20 PM
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माफियाओं के खिलाफ मैदान में उतरी करणी सेना, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
लवकुशनगर क्षेत्र में रेत के बेतहाशा अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए करणी सेना ने बुधवार को प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो करणी सेना उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। करणी सेना ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। करीब एक सैकड़ा से अधिक करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने रेत माफियाओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया।

प्रदेश टुडे संवाददाता, छतरपुर

लवकुशनगर क्षेत्र के भैरा रेत घाट और राजनगर क्षेत्र के डिगौनी में एनजीटी के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। शाम ढलते ही रेत माफिया और सफेदपोश चेहरों की जुगलबंदी के चलते यह अवैध कारोबार फलने फूलने लगता है। एक केन्द्रीय मंत्री को अपने आपको खास बताने वाले भाजपा नेता के पुत्र पर ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन के आरोप लगाये हैं। ग्रामीणों के आरोप हैं कि इनके द्वारा दिन में ट्रेक्टर और रात में ट्रक निकालने का ठेका ले रखा गया है। प्रशासन की नाक के नीचे हो रहे रेत के अवैध कारोबार पर जहां प्रशासन मौन है वहीं सत्ताधारी नेता भी चुप्पी साधे हुए हैं क्योंकि सत्ताधारी सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में ही रेत का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।  भैरा रेत खदान और घाट तो इस समय काफी चर्चाओं में है क्योंकि यहां भी सत्तापक्ष के ही सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में रेत का उत्खनन चल रहा है और गुंडा तत्व हावी हो रहे हैं यहां तक कि जो इन रेत माफियाओं की कार्रवाई का विरोध और कवरेज करता है उन पर हमला बोल दिया जाता है। भैरा रेत घाट पर 300 से 400 ट्रेक्टर प्रतिदिन अवैध रूप से रेत निकालकर ले जाते हैं यहां करोड़ों का कारोबार अवैध रेत के माध्यम से चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं जिस कारण रेत का कारोबार घटने की बजाय बढ़ता ही जा रहा है। भैरा रेत खदान इस समय सबसे अधिक चर्चाओं में है। पुलिस के संरक्षण में यह कारोबार फलफूल रहा है। अवैध उत्खनन के साथ-साथ भारी मात्रा में अवैध रेत डम्प करके रखी गई है लेकिन प्रशासन की नजर इस डम्प रेत पर नहीं पड़ रही है।

रात के अंधेरे में उप्र भेजी जा रही रेत
रात के अंधेरे में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की सीमा में रेत भेजी जा रही है। इस रेत खदान की रखवाली संगीनों के साए में होती है। माफियाओं के गुर्गे वैध और अवैध हथियार लेकर भैरा रेत घाट पर बैठे रहते हैं। यहां की रेत लवकुशनगर क्षेत्र के विभिन्न थाना अंतर्गत से होकर यूपी जाती है, लेकिन पुलिस की हिम्मत इसलिए हाथ डालने की नहीं पड़ती क्योंकि सत्तापक्ष के सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में यह कारोबार चल रहा है। केवल लवकुशनगर क्षेत्र ही नहीं गौरिहार, सरबई के साथ-साथ नौगांव हरपालपुर और राजनगर क्षेत्र भी रेत के अवैध कारोबार से अछूता नहीं है।

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