भारत-पाक बंटवारे का दर्द दिखाता ‘बंटवारा’

On Date : 01 December, 2014, 2:59 PM
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भोपाल। दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के र.वि. शिरढोणकर सभागार में रविवार शाम नाटक  ‘बंटवारा’ का मंचन किया गया। इस नाटक में हिंदुस्तान और पाकिस्तान के विभाजन के दौर को दिखाया गया, जिसमें कई परिवार बिछड़ गए और कई लोगों के घर तबाह हो गए। पराग थिएटर एंड वेलफेयर आॅर्गेनाइजेशन द्वारा नाटक बटवारा का निर्देशन पराग दुबे द्वारा किया गया।

नाटक की रूपरेखा चार कहानियों के आधार पर तैयार की गई है। इनमें हर कहानी में बटवारे के दर्द में अहसास और लोगों की मजबूरी को दिखाया गया। जिसमें सआदत हसन मंटो की लिखी राम खिलावन, मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित बडे भाई साहब, तीसरी कहानी में कलाकारों ने  शांति  की प्रस्तुति दी। और अंतिम कहानी टोबा टेक सिंह  में लाहौर के पागलखाने में बंद एक सिख बिशन सिंह की कहानी बताई गई।इस नाटक में भोजराज कहार, पराग दुबे, कोमल मीरचंदानी, आकाश भट्ट, निखिल सिंह, बृजेश साहू, जय सिंह, राज शाह, कुंदन नेगी, राम वर्मा, मुकेश साहू, योगेश, प्रतीक शामिल रहे।

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