6करोड़ 10 लाख अकेले जबलपुर को जरूरत पूरे प्रदेश के लिए मिले सिर्फ 200 करोड़

On Date : 13 January, 2018, 2:39 PM
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मनरेगा का खजाना खाली, चाहिए 300 मिले 200 करोड़

केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना की एक बार फिर वित्तीय स्थिति बिगड़ गई है। करीब एक माह तक योजना खजाना खाली रखने के बाद केन्द्र सरकार ने 51 जिलों के लिए मात्र 200 करोड़ की राशि मुहैया कराई है, जबकि जबलपुर अकेले में 6 करोड़ 10 लाख से ज्यादा की राशि चाहिए।  पैसों की कमी के कारण पंचायतों में लगे मजदूरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। काम के अभाव में वे गांव से पलायन करने लगे हैं।
प्रदेश टुडे संवाददाता, जबलपुर
जानकर हैरानी होगी कि 5 करोड़ 55 लाख की राशि सिर्फ सामग्री व्यय के लिए जिले को चाहिए इसकी वजह से मनरेगा में होने वाले सभी कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं। 
तंगहाली का आलम यह कि जिला पंचायत के पास ग्राम पंचायतों को देने के लिए बिल्कुल भी राशि नहीं बची है। ऐसे में जिले की 516 ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में लगे सैकड़ों मजदूरों का भुगतान अटक कर रह गया है। दूसरी ओर मनरेगा से जुड़े सारे कामकाज ठप होने लगे हैं। ऐसे में जिले में रोजगार के लिए मजदूरों के पलायन करने की संख्या बढ़ने लगी है। गौरतलब हो कि मनरेगा के तहत चल रहे विकास कार्यों के लिए पिछले कई माह से पर्याप्त राशि नहीं मिल रही है।

जनपद    राशि (लाख में)
जबलपुर-     35.57
कुंडम-    133.84
मझौली-    131.23
पनागर-    39.93
पाटन-    59.92
शहपुरा-    152.75
सिहोरा-    57.4   
फैक्ट फाइल...
’     प्रदेश के 51 जिलों में 2 अरब 96 करोड़ 84 लाख 27 हजार की जरूरत
’     एक माह से सभी जिलों का मनरेगा खजाना था खाली मिले सिर्फ 200 करोड़
’     इंदौर 1 करोड़ 53 लाख, ग्वालियर 5 करोड़ 89 लाख, भोपाल जिले को  2 करोड़ की जरूरत
’     अन्य जिलों में भी भारी भरकम राशि की जरूरत।

 

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