दो नवजात बच्चों की मौत पर स्थानीय लोगों ने किया जक्काजाम एवं प्रदर्शन

On Date : 06 September, 2017, 9:58 PM
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परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, कहा-नहीं कराया था एसएनसीयू वार्ड में भर्ती
प्रदेश टुडे संवाददात, टीकमगढ़
जिला अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला दोबारा फिर से सामने आया है। टीकमगढ जिले के बल्देवगढ ब्लॉक में एक महिला अपनी डिलेवरी के लिए जिला अस्पताल आई थी। महिला का नाम जशोदा पति राजू बंशकार उम्र 30 वर्ष निवासी कर दौरा मऊरानीपुर उ.प्र. की है। वह अपने मायके में बल्देवगढ ब्लॉक के ग्राम मडोरी आई थी। जशोदा अपनी मां प्रेमबाई के साथ जिला अस्पताल टीकमगढ़ में विगत दिवस डिलेवरी कराने गई थी। रात करीब 3 बजे डिलेवरी के दौरान दो बच्चियों (लड़की)ने जन्म लिया था। नवजात बच्ची की हालात गंभीर होने पर कुछ समय बाद दोनों की मृत्यु हो गई। 
 
परिजनों का आरोप: परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि डिलेवरी के बाद दोनों बच्ची की हालत गंभीर थी, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से नवजात बच्चों को एस.एन.सी.यू.वार्ड में भर्ती नहीं कराया गया। जिससे नवजात दोनों बच्चियों की मौत हो गई है। वहीं परिजनों ने बताया कि नवजात बच्ची के मौत के बाद डॉक्टरों ने महिला एवं उसकी परिजनों को अस्पताल से बाहर निकाल दिया।
 
एक माह में पांच बच्चों की मौत
जिला अस्पताल टीकमगढ मे एक माह मे पांच बच्चों की मौत हो गई है। आज इन दोनों नवजात बच्ची की मौत पर स्थानीय लोगों एवं कुछ समाजसेवी संगठन जक्काजाम और प्रदर्शन करने लगे। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली वह मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराकर जाम खुलवाया।
 
इनका कहना है
मैं अभी बाहर हूं। जहां तक मुझे जानकारी है कि एक दिन पहले डिलेवरी के लिए महिला आई हुई थी। महिला ने सात माह की दो नवजात बच्चियों को जन्म दिया था। जिससे नवजात दोनों की ही हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज झांसी के लिए रैफर कर दिया था। लेकिन परिजन नहीं ले गए जिससे मासूम बच्चियों की मौत हो गई। अगर ऐसा कुछ मामला है तो जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा। उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। 
वर्षा राय, 
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, टीकमगढ़

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