मोदी के ZED फार्मूले के गुर सीखेंगे MP के उद्यमी

On Date : 21 April, 2017, 1:54 PM
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भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट (जेड) को लेकर दिए गए फार्मूले पर अमल के लिए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु उद्यमी विशेषज्ञों के तकनीकी गुर सीखेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार को इन उद्योगों की अनदेखी करने के मसले पर भी अवगत कराएंगे। इसको लेकर जल्द ही उद्योगपतियों की बैठक भोपाल में होने वाली है। मप्र लघु उद्योग संघ द्वारा इसको लेकर एक मई को आईएसबीटी परिसर में बैठक भी बुलाई गई है। इसमें जेड पर पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी क्यूसीआई के लव भारद्वाज देंगे। बताया गया कि पीएम मोदी के इस फार्मूले में यह कहा गया है कि उद्यमी जो भी मैन्युफैक्चरिंग करें, उसमें कोई भी डिफेक्ट नहीं होना चाहिए। इसके फायदे क्या होंगे, इस बारे में उद्यमियों को अवगत कराया जाएगा। संघ के अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल के अनुसार बैठक में जीएसटी के क्रियान्वयन से उद्योगों पर पड़ने वाले असर और भविष्य के कार्यक्रमों पर विचार किया जाएगा।

साथ ही खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास के लिए कार्यक्रम तय करने और कौशल विकास के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने पर विचार होगा।

मंत्री-ढर के साथ होगी बैठक : राज्य शासन द्वारा ऐसे उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य स्तरीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग संवर्द्धन बोर्ड का गठन किया गया है। इस बोर्ड की बैठक हर माह के पहले सोमवार को होती है। एक मई को होने वाली बैठक में विन्ध्याचल भवन में मंत्री संजय पाठक और प्रमुख सचिव वीएल कांताराव इन उद्यमियों की समस्याओं को सुनेंगे।

गौरतलब है कि पहले सीएम इस बोर्ड की बैठक लेते थे पर उनकी व्यस्तता के चलते बैठक नहीं हो पा रही है। इसलिए शासन ने तय किया है कि विभाग के मंत्री बैठक लेंगे और अगर मंत्री की गैरमौजूदगी की स्थिति रही तो विभाग के पीएस उद्यमियों की समस्या सुन सकेंगे।

केस दर्ज होते ही पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा
विकास तिवारी, भोपाल :
प्रदेश में अपराध पीड़ित व्यक्ति को सरकारी राहत पाने के लिए अब कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं करना पड़ेगा बल्कि घटना घटने और थाने में मामला दर्ज होते ही पीड़ित अथवा उसके परिजनों को अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पचास फीसदी क्षतिपूर्ति राशि वितरित कर दी जाएगी। राज्य सरकार इसके लिए अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना में बदलाव करने जा रही है।

राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश में विभिन्न अपराधों में पीड़ितों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के लिए 31 मार्च 2015 से अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना शुरु की थी। इस योजना में किसी अपराध या दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति को कोर्ट से फैसला होने के बाद आर्थिक मदद दिए जाने का प्रावधान किया गया है। न्यायालय में प्रकरणो की सुनवाई लंबे समय तक चलती है इसलिए पीड़ितों को आर्थिक मदद मिलने में भी देरी होती है। वर्ष 2015 में केवल 45 लाख और 2016 में भी केवल 59 लाख रुपए इस योजना के तहत वितरित किए गए। केन्द्र सरकार ने इस योजना के मध्यप्रदेश को 21 करोड़ 80 लाख रुपए का फंड दिया है।

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