सेनेटरी नैपकिन पर लिखे PM को संदेश- ये लग्जरी नहीं...

On Date : 11 January, 2018, 3:24 PM
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कपिल शर्मा, ग्वालियर
यंग डायरेक्टर अभिषेक सक्सैना की रिलीज हो चुकी फिल्म 'फुल्लू' और सुपर स्टार अक्षय कुमार की 26 जनवरी को आने वाली फिल्म 'पैडमेन' का असर नजर आने लगा है। ये दोनों ही फिल्म सेनेटरी नैपकिन की आवश्यकता को लेकर जागरूक करने वाली है। लिहाजा अब इसी का हवाला देते हुए केंद्र सरकार द्वारा सेनेटरी नैपकिन पर लगाए गए 12 प्रतिशत जीएसटी का विरोध ग्वालियर सहित पूरे मप्र में शुरू हो गया है। इसी कड़ी में ग्वालियर सहित पूरे मप्र से एक हजार सेनेटरी नैपकिन जीएसटी के विरोध के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे जाएंगे। जीएसटी के इस अनोखे विरोध में शामिल हुई प्रदेश की घरेलू, नौकरीपेशा महिलाओं व छात्राओं से यह सेनेटरी नैपकिन जुटाए जा रहे हैं। खास बात ये है कि 3 मार्च को भेजे जाने वाले इन सभी सेनेटरी नैपकिन पर महिलाओं ने अपने हाथों से प्रधानमंत्री के नाम संदेश लिखा है। इसमें कहा गया है कि 'यह लग्जरी आयटम नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए जरूरत की वस्तु है। ' इसलिए इस पर से जीएसटी हटाई जाए।

सेनेटरी नैपकिन पर ये लिखे संदेश
ल्    गुलप्शा: मासिक धर्म के समय साफ सुथरा नैपकिन का इस्तेमाल करना जरूरी है, जो देश की हर महिला को उपलब्ध नहीं है। अत: नैपकिन रियायती दरों पर उपलब्ध हों।
ल्    पूजा: गरीब महिलाओं को सेनेट्री नेपकिन नि:शुल्क दिया जाए।
ल्    प्रियंका: सेनेटरी नैपकिन का हम युवतियों व महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। इसे टैक्स फ्री किया जाए।
ल्    आशालता: नैपकिन को जीएसटी य टैक्स के दायरे में लाना शर्मनाक है।
 फिल्म फुल्लू और पैडमेन में माहवारी और महिलाओं के स्वास्थ्य पर फोकस किया गया है। यह फिल्म तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले अरूणाचलम मुरूगननाथम की जिंदगी से प्रेरित है। मुरूगननाथम ने महिलाओं के लिए सेनटरी नैपकिन की अवश्यकता को देखते हुए इसे बनाने के लिए सबसे सस्ती मशीन बनाई है।
इनका कहना है
सेनेटरी नैपकिन महिलाओं के लिए आवश्यक वस्तु है। इस पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगाकर नीति निर्माताओं से बड़ी चूक हुई है। आज भी सेनेटरी नैपकिन सिर्फ शहरी महिलाओं की पहुंच तक है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र व गरीब परिवार की महिलाएं इसके महंगे होने के कारण उपयोग नहीं कर पाती है। इसीलिए सेनेटरी नैपकिन से जीएसटी हटाने व गरीब व ग्रामीण क्षेत्रो में इस नि:शुल्क दिए जाने की मांग को लेकर हमने यह अभियान चलाया है। 3 मार्च को एक हजार सेनेटरी नैपकिन प्रधानमंत्री को प्रथम चरण में भेजे जाएंगे।
हरिमोहन, अभियान संयोजक ग्वालियर

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