मां शब्द में सब कुछ समाहित है : कल्पना

On Date : 16 May, 2017, 9:36 PM
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इटारसी। मां वह शब्द है जिसकी व्याख्या नहीं की जा सकती। मां शब्द में ही सबकुछ समाहित है। उक्त उद्गार समाज सेविका कल्पना सीतासरन शर्मा ने ड्रीम इंडिया स्कूल द्वारा मदर्स डे पर आयोजित सम्मान समारोह में व्यक्त किए। संस्था द्वारा मदर्स डे पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली माताओं का सम्मान कया गया। नगरपालिका अध्यक्ष सुधा अग्रवाल ने कहा कि हम चाहे कितने बड़े हो जाए, किसी भी ओहदे पर पहुंच जाएं लेकिन मां के बिना हमारा जीवन अधूरा है। मॉ वह है जो स्वयं को तकलीफ देकर बच्चे का ख्याल रखती है। आदर्श महिला क्लब होशंगाबाद की अध्यक्ष समाजसेविका नीरजा फौजादार ने कहा कि मां धरा है, मां श्रृष्टि है, मां ही शक्ति स्वरूपा है। हम इस उम्र में भी माँ की कमी का एहसास करते हैं। वयोवृद्ध समाजसेविका ऊषा अंबिका शुक्ला ने कहा कि वह पति के चुनाव के समय जब गांव-गांव जाकर गरीबों की हालत देखी, उन माताओं की हालत देखी जो दिनभर मेहनत कर बच्चे को पालती है, तब मुझे लगा कि माँ के बिना सबकुछ अधूरा है।

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