नो एंट्री का कोई आदेश ही नहीं

On Date : 20 August, 2017, 9:56 PM
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हादसों के बाद भी नहीं लिया सबक, पिछले साल दो माह के लिए लगाई थी रोक
प्रदेश टुडे संवाददाता, विदिशा 
शहर के बीच से निकले हाईवे पर लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके बाद भी हादसों पर रोक लगाने के इंतजाम नहीं किए जा रहे है। पिछले एक साल के भीतर ईदगाह चौराहे से लेकर मिर्जापुर गांव के बीच हाइवे पर करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। इन हादसों में होने वाली मौत पर आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया और प्रशासन से हादसों पर रोक लगाने के इंतजामों की मांग की इसके बाद भी कोई इंतजाम नहीं किए गए है। जिससे हादसों की आशंका और भी ज्यादा बढ़ गई है। शहर में भारी वाहन प्रवेश नहीं करेगें इस तरह के कोई आदेश जारी ही नही किए गए है। हालांकि पिछले साल तत्कालीन कलेक्टर ने दो माह के लिए दिन में शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई और यह आदेश सिर्फ दो माह के लिए ही लागू था इसके बाद से बिना रोक टोक भारी वाहनों की आवाजाही हो सकेगी। हादसों को रोकने के लिए ही पुलिस ने भारी वाहनों की आवाजाही रोक लगा रखी है। कलेक्टर के कोई लिखित में आदेश न होने के लिए शहर में भारी वाहन आ जा रहे है। नागरिकों ने मांग की है कि दिन में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। 
हाईवे पर स्थित हैं आधा 
दर्जन से ज्यादा स्कूल
ईदगाह से लेकर बंटी नगर तक करीब आधा दर्जन से ज्यादा सरकारी और प्रायवेट स्कूल है जिसमें हजारों बच्चे पढ़ रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से बच्चों की जान पर हमेशा खतरा मंडरा रहता है। खास तौर पर पीतलमील चौराहे से लेकर उदयनगर कालोनी तक कई ऐसे स्कूल है जिनके लगने और छुटटी होने का समय दोहपर का ही है और इसी समय भारी वाहनों की आवाजाही ज्यादा होती है। कई बार यहां के नागरिक मांग कर चुके हैं कि दोपहर के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। ताकि हादसों को रोका जा सके। करीब एक साल पहले भी यहां पर एक हादसे में मां बेटी की मौत हो गई थी। इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया है। 
सुबह से शाम तक निकलते है डंपर
हालांकि कागजों में भले ही भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी हो लेकिन दोपहर के समय पीतलमील और अहमदपुरा रोड से बड़ी संख्या में डंपरो की आवाजाही होती है जिससे भी हादसों का डर बना रहता है। शनिवार और रविवार की दोपहर 1 बजे के आसपास 1 दर्जन से ज्यादा डंपर हाइवे पर से गुजरे यह हालात रोजाना बनते है। इसके बाद भी यहां पर कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। इसी तरह सुबह करीब 7 बजे और रात में 9 बजे भी बडी संख्या में डंपरो का आनाजाना होता है। कुछ दिन पहले पुलिस ने पीतलमील से सुभाष नगर के बीच वाहनों की रफ्तार को कम करने के लिए बैरीकेटस लगाए थे जिनको अब यहां से हटा दिया गया है। 
नहीं लगे संकेतक बोर्ड
शहर के बीच से भारी वाहन न निकले इसके लिए वायपास बनाया गया है लेकिन वायपास शुरू न होने के चलते अभी भी शहर के बीच से ही भारी वाहन निकल रहे हैं। कुछ दिन पहले वायपास पर क्रांसिग पर गतिरोधक और संकेत वोर्ड लगाने की मांग की है। हाईवे पर सकेंतक वोर्ड लगाने और स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग को लेकर कई जागरूक नागरिकों ने प्रशासन को ज्ञापन दिया है। । इन हादसों पर रोक लगाने के लिए मिर्जापुर, पूरनपुरा और अग्रवाल एकेडमी के पास सकेंतक वोर्ड लगाने की मांग की है। 
इनका कहना है
शहर में नो एंट्री के संबध में कोई आदेश प्रशासन के तरफ से जारी नहीं हुआ है। हालांकि स्कूलों की छुटटी के समय दोपहर में 2.30 से 4 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही को रोक दिया जाता है। जो वाहन शहर में ही होते है उनके बारे में जानकारी नही लग पाती है। यदि कलेक्टर नो एंट्री के आदेश जारी करते है तो भारी वाहनों की दिन में आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर पर वाहनों को शहर में दाखिल होने से रोकती है ताकि हादसे न हो। 
- मिलन जैन, ट्राफिक इंचार्ज विदिशा

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