‘कैरी बैग पर प्रतिबंध की आड़ में खत्म कर रहे पैकेजिंग उद्योग’

On Date : 15 September, 2017, 9:48 PM
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इंदौर। प्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध की आड़ में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम मनमानी पर उतर आया है। कैरी बैग की आड़ में शहर की पैकेजिंग इंडस्ट्री को खत्म किया जा रहा है। पैकेजिंग उद्योग संचालक विभागों की शिकायत लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। उद्योगपतियों ने विधायक और भाजपा अध्यक्ष को शिकायत की कि सरकार के आदेश की आड़ में अधिकारी मनमानी कर उद्योगों को खत्म कर रहे हैं। एक दिन पहले निगमायुक्त मनीष सिंह के साथ हुई बैठक और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के रवैये से निराश उद्योगपति एआईएमपी के पदाधिकारियों के साथ भाजपा दफ्तर पहुंचे थे। विधायक सुदर्शन गुप्ता और नगर अध्यक्ष कैलाश शर्मा से उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिसूचना जारी कर प्लास्टिक के कैरी बैग पर प्रतिबंध लगाया है। इसकी आड़ में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 41 पैकेजिंग मटेरियल बनाने वाली फैक्टरियों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं, जबकि पैकेजिंग मटेरियल बनाने वाले उद्योग असल में कंटेनर पैकिंग से लेकर एफएमसीजी प्रोडक्ट की पैकिंग के रैपर व अलग-अलग तरह शीट बनाते हैं। पैकेजिंग इंडस्ट्री को तो प्रदूषण विभाग की सूची में ग्रीन कैटेगिरी में रखा हुआ है, लेकिन प्रदूषण विभाग के अधिकारी निगम के दबाव में मनमानी कर रहे हैं। हमने मांग की कि पैकेजिंग इंडस्ट्री पर प्रतिबंध है तो उसकी अधिसूचना दिखा दी जाए। इसका लिखित जवाब दिए बगैर एनओसी अटका कर उद्योगों को षड्यंत्रपूर्वक बंद कराया जा रहा है। एआईएमपी के सचिव योगेश मेहता व उपाध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने उद्योगों की परेशानी बताते हुए कहा कि शहर के आसपास ऐसी सौ यूनिट्स चल रही हैं। पॉलिथीन की आड़ में इन पर गलत तरीके से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने से न केवल उद्योग बंद व उद्योगपति बर्बाद होंगे, बल्कि रोजगार भी खत्म होगा। 

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