लोगों को विधि का ज्ञान होना जरूरी: न्यायाधीश

On Date : 18 August, 2015, 9:51 PM
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प्रदेश टुडे संवाददाता, आष्टा : कोई भी व्यक्ति किसी भी अचल संपत्ति को खरीदे तो वह उसकी रजिस्ट्री जरूर करवाएं, अगर कोई व्यक्ति वाहन खरीदता है तो वह उसका बीमा आवश्यक रूप से करवाएं साथ ही अपने वाहन को किसी लायसेंसधारक व्यक्ति को ही चलाने दे। लोगों को विधि का ज्ञान होना जरूरी है और यह ज्ञान बिना शिक्षा प्राप्त किए नही हो सकता। व्यक्ति के जीवन में आज के युग में शिक्षा का बड़ा महत्व है, शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिसके बिना कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का ज्ञान प्राप्त नही कर सकता है और उस ज्ञान का भी उपयोग स्वयं के अलावा गांव, समाज, प्रदेश व राष्ट्र के लिए कर सकता है। उक्त उद्गार ग्राम खड़ी में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में तहसील विधिक साक्षरता शिविर के अध्यक्ष द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीपी अग्रवाल द्वारा उपस्थित ग्रामीणजनों को संबोेधित करते हुए व्यक्त किए। श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में चिंता का विषय है कि लोग अपनी लापरवाही से विद्युत चोरी के प्रकरणों में पकड़े जाते है, उन्होंने कहा कि अस्थाई की जगह स्थाई कनेक्शनों की ओर ग्रामीणजन ज्यादा ध्यान दे, तो वह किसी भी प्रकार के विद्युत अपराध से बच  सकते है। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर एक विवाद सुलह केन्द्र खोलने की भी घोषणा की। इस अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 रूपम बैदी द्वारा कहा कि कर्तव्य और अधिकार एक-दूसरे से जुड़े रहते हंै। व्यक्ति अपने अधिकारों के लिए तो लड़ रहा है, लेकिन अपने कर्तव्य के प्रति उदासीन है इसी कारण रोजाना ही कानून का उल्लंघन हो रहा है। इसके कारण अपराधों की संख्या में दिनोदिन बढ़ोत्तरी हो रही है।

जब व्यक्ति अपने कत्र्तव्य के प्रति जागरूक हो जाएगा तो वह निश्चित रूप से कानून का भी पालन करेगा और समाज में शांति व्यवस्था भी कायम हो सकेगी। व्यक्ति को छोटे-मोटे लड़ाई-झगड़ों से दूर रहना चाहिए और अपनी व समाज की उन्नति कैसे हो इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष विजेन्द्रसिंह ठाकुर ने कहा कि न्यायपालिका से लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 धर्मकुमार ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीणजन शासन की योजनाओं का कानून अनुसार लाभ ले सकते हैं। वरिष्ठ अभिभाषक विजेन्द्रसिंह ठाकुर ने कहा कि त्वरित न्याय प्रदान करना समय की आवश्यकता है और इसके लिए लोक अदालतों का आयोजन प्रत्येक माह को किया जा रहा है। जिससे समय के साथ धन की भी बचत हो रही है। वरिष्ठ अभिभाषक मो. फारूक एडव्होकेट ने कहा कि ग्रामीणों को मेढ़, रास्ते व छोटे-मोटे अतिक्रमण से संबंधित विवादों को गांवों में ही निपटाना चाहिए।

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