RSS को चाहिए टेक्नोसेवी यूथ, नई पीढ़ी जोड़ने पर मंथन

On Date : 13 October, 2017, 12:41 PM
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राजनीतिक संवाददाता, भोपाल
आरएसएस अब परम्परागत राष्टÑवादी विचारधारा के लोगों के अलावा टेक्नोसेवी युवाओं को भी अपने साथ जोड़ना चाहता है। राजधानी के शारदा बिहार में चल रही अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में आज यूथ को जोड़ने पर मंथन किया गया। इसके अलावा वनवासी क्षेत्रों में संघ मिलन और कुटुम्ब परिवार व्यवस्था के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।
आज सुबह नौ बजे शुरू हुई बैठक में संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने कहा कि संघ में युवाओं का प्रतिनिधित्व सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मदद से ही संघ के विभिन्न आयामों का क्रियान्वयन तेजी से करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए संघ द्वारा ज्वाइन आरएसएस प्रकल्प शुरू किया गया है। बैठक में ज्वाइन आरएसएस के काम को और गति देने के बारे में भी क्षेत्र और प्रांत प्रचारकों से सुझाव लिए गए। बैठक में बताया गया कि ज्वाइन आरएसएस प्रकल्प के माध्यम से आरएसएस से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या में पिछले साल 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी और 2017 के शुरूआती छह महीनों मेें इसमें 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें 25 से 35 साल के युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। इसके अलावा आज हुई बैठक में आरएसएस के सरसंघचालक द्वारा पिछले दिनों देश के विभिन्न शहरों में प्रवास के दौरान ओपिनियम मेकरों के साथ हुई चर्चा में आए सुझावों पर भी बात की गई।
धर्मान्तरण पर चिंता
बैठक में आदिवासी और वनवासी क्षेत्रों में मिशनरी द्वारा कराए जा रहे धर्मपरिवर्तन पर भी चिंता व्यक्त की गई और तय किया गया कि संघ अपनी शाखाओं की संख्या में यहां इजाफा करेगा। जहां संघ की नियमित शाखाएं लगना संभव नहीं होगा वहां साप्ताहिक मिलन आयोजित किए जाएंगे।

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