राम ने धनुष तोड़ा, सीता से नाता जोड़ा

On Date : 11 January, 2018, 3:08 PM
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मेला में रासलीला में चतुर्थ दिवस किया गया सीता स्वयंवर का आयोजन


प्रदेश टुडे संवाददाता, ग्वालियर
ग्वालियर व्यापार मेला में हरि कृष्ण रासलीला मंडल वृंदावन के रासाचार्य स्वामी रसियालाल शर्मा के निर्देशन में पांच दिवसीय रासलीला का आयोजन किया जा रहा है।
मेला परिसर स्थित कला मंदिर रंगमंच पर रासलीला के चतुर्थ दिवस धनुष यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान सीता स्वयंवर से पूर्व दर्शकों को रावण-वाणासुर और परषुराम-लक्ष्मण का रोमांचित कर देने वाले संवाद के साथ ही कालापानी का गुदगुदाने वाला हास्य चरित्र भी देखने को मिला। राजा जनक महल में सीता को शिव के धनुष से खेलते हुए देखते हैं। सीता धनुष को आसानी से उठा लेती हैं, यह देख राजा जनक हैरान हो जाते हैं क्योंकि यह दिव्य धनुष इतना भारी होता है कि बड़े-बडे़ शक्तिशाली राजा भी इसे हिला नहीं सकते थे। इस दृश्य को देख राजा जनक को अहसास हुआ कि सीता कोई साधारण कन्या नहीं है वह कोई दिव्य आत्मा है, इसलिए उन्होंने प्रतिज्ञा कर ली कि सीता का विवाह किसी साधारण पुुरुष के साथ नहीं करेंगे। उन्होंने सीता के स्वयंवर का मन बनाया और निश्चय किया जो शिव के धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाएगा वही सीता के योग्य समझा जाएगा।
सीता स्वयंवर के लिए देशभर के राजाओं को आमं़ि़त्रत किया जाता है। जिसमें पाताल निवासी वाणासुर, लंकापति रावण जैसे महा पराक्रमी योद्धाओं के साथ ही गुरुदेव मुनि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण भी आते हैं। बड़े से बड़े पराक्रमी योद्धा प्रत्यंचा चढ़ाना तो दूर की बात धुनष को तिल मात्र तक नहीं हिला पाते हैं,  इस दौरान रावण धनुष तोड़ने के लिए उठता है तो वाणासुर उसके मंसूबे पर पानी फेर देता है। इस दौरान रोचक संवाद होता है। जब कोई योद्धा धनुष को उठा तक नहीं पाता है तो राजा जनक दु:खी होने लगते हैं। वे कहते है कि क्या यह पृथ्वी वीरों के विहीन हो गई। राजा जनक के यह कथन सुन लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं। इस दौरान दोनों के बीच संवाद होता है। लक्ष्मण अपना धनुष छोड़ देते हैं जिससे पृथ्वी हिल जाती है।
दृश्य: तीन
राजा जनक के करुण वचन सुनकर गुरु वशिष्ठ राम को स्वयंवर में भाग लेने का आदेश देते हैं। अपने गुरु की आज्ञा पाकर राम धनुष की ओर बढ़ते हैं तो उपस्थित राजा-महाराजाओं और योद्धाओं की नजर उन पर टिक जाती है। राम एक ही झटके में धनुष को उठा लेते हैं और जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए उसे मोड़ते हैं वैसे ही दो टुकड़े में टूटकर गिर जाता है। यह देख सभी राम की जय जयकार करने लगते हैं और सीता मंद-मंद मुस्कराने लगती हैं।
देवता भी आकाश से पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करते हैं और सीता श्रीराम के गले में वरमाला डालकर उनका वरण कर लेती हैं। मिथिला में जश्न शुरू हो जाता है।
दृश्य: चार
धनुष टूटने का आभास जैसे ही भगवान परसुराम को होता है वे क्रोध से भर जाते हैं और मिथिला की सभा में आ धमकते हैं। उनके क्रोध से धरती भी कांपने लगती है। लेकिन जब राम सीता के साथ मिलकर उनके चरण स्पर्श करते हैं तो वे समझ जाते हैं कि राम कोई साधारण पुरुष नहीं बल्कि भगवान विष्णु के अवतार हैं और उनका क्रोध शांत हो जाता है वे राम एवं सीता को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ?
कालापानी ने गुदगुदाया
लक्ष्मण परशुराम संवाद के बीच जब आपस में तनातनी चल रही थी और लोग परेशान से दिख रहे थे तब कालापानी ने अपने अभिनय से सभी को जमकर गुदगुदाया। कालापानी का यह संवाद ..... चलता हूं मैं कदम-कदम, हाथ-पांव पतले-दुबले पेट जबरजंग, कामरुका का रहने वाला नाम मेरा हुड़दंग ने लोगों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया।
पात्र-परिचय
राम-मानवेंद्र शर्मा
लक्ष्मण- शिवकुमार शर्मा
सीता- सूरज शर्मा
रावण- घनश्याम शर्मा
जनक - रसिया लाल शर्मा
कालापानी - ओमप्रकाश शर्मा

मेले में बॉलीवुड नाइट कल
ग्वालियर व्यापार मेले में 12 जनवरी शुक्रवार की शाम 7 बजे कला मंदिर रंगमंच पर बॉलीवुड नाइट का आयोजन किया जाएगा। बॉलीवुड नाइट में बॉलीवुड के जाने-माने सिंगर एवं मध्यप्रदेश के गौरव व भारत गौरव रत्न अवार्ड से सम्मानित बॉलीवुड के मशहूर सिंगर अनिल श्रीवास्तव अपनी आवाज का जादू चलाएंगे।
नृत्य प्रतियोगिता 22 को: एसोसिएशन आॅफ ग्वालियर यूथ सोसायटी एवं ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित युगल एवं एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन 22 जनवरी को स्थानीय मेला कला रंगमंच पर आयोजित की जाएगी। संस्था अध्यक्ष संजय कट्ठल ने बताया कि युगल नृत्य एवं एकल नृतय प्रतियोगिता का आयोजन 22 जनवरी को होगा जिसमें एकल डांस प्रतियोगिता 2 वर्ग में आयोजित की जाएगी।

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