GST से आसान होगी छोटी कारों की खरीदारी ...

On Date : 19 May, 2017, 10:41 AM
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नई दिल्ली : गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी से जुड़ी सबसे बड़ी घोषणा हो ही गई. इसके तहत अधिकतर वस्तुओं की टैक्स दरों को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच सहमति बन गई है. श्रीनगर में गुरुवार को शुरू हुई दो दिवसीय जीएसटी काउंसिल की बैठक में रोजमर्रा की 1205 वस्तुओं पर टैक्स रेट घटाने का फैसला लिया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए टैक्स सिस्टम के तहत कई जरूरी चीजों की कीमतें कम हो सकती हैं. अनाज और दूध को टैक्स मुक्त कर दिया गया है. प्रोसेस्ड फूड भी सस्ते हो जाएंगे. साथ ही छोटी और मध्यम वर्ग की कारों की दाम भी कम होने की पूरी संभावनाएं हैं.

बता दें, छोटी कारों पर 1 प्रतिशत, मध्यम वर्ग की कारों पर 3 प्रतिशत और लक्जरी कारों पर 15 प्रतिशत सेस भी जुड़ेगा. अभी छोटी कारों पर 31.5 प्रतिशत जबकि मध्यम वर्ग की कारों पर 49 प्रतिशत टैक्स लगता है. इसमें एक्साइज ड्यूटी, इंफ्रा सेस, ऑक्ट्रॉय के अलावा वैट और सीएसटी भी लगता है. एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद ये सभी टैक्स खत्म हो जाएंगे. इससे छोटी कारों पर 2.5 प्रतिशत और मध्यम वर्ग की कारों पर 18 प्रतिशत तक कम टैक्स लगने की उम्मीद है.

इस साल एक जुलाई से टैक्स पर टैक्स की स्थिति खत्म होने से ग्राहक को फायदा होगा. अभी वस्तुओं पर कुल मिलाकर 31 प्रतिशत तक टैक्स लगता है, जो अब कम हो जाएगा. साथ ही सिर्फ एक टैक्स से कारोबारियों के लिए बिजनेस आसान होगा. टैक्स प्रक्रिया भी पारदर्शी होगी. देश एक मार्केट बन जाएगा. कारोबारियों को पहले चुकाए टैक्स का इनपुट क्रेडिट मिलेगा.

वहीं, टैक्सबेस बढ़ने से केंद्र और राज्यों का रेवेन्यू बढ़ेगा. सरकार के लिए इस पर नजर रखना भी आसान होगा. साथ ही साथ कर चोरी भी कम होगी. दाम कम होने से भारत में बने प्रोडक्ट दूसरे देशों में प्रतिस्पर्धी होंगे. इसका फायदा निर्यात में मिलेगा. निवेश का वातावरण बेहतर होने से एफडीआई आएगा. सरकार का अनुमान है कि जीएसटी लागू होने के बाद जीडीपी ग्रोथ रेट 1.5 से 2% तक बढ़ जाएगी.

जीएसटी का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है. इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा. ये ऐसा टैक्‍स है, जो देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेज की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा. इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स, स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे. आसान शब्‍दों में कहें तो जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा.

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