साबुन में मौजूद तत्वों से गर्भपात का खतरा

On Date : 04 September, 2015, 10:01 AM
0 Comments
Share |

बीजिंग: साबुन और शैंपू जैसे व्यक्तिगत देखभाल के उत्पादों, डिब्बाबंद खाद्य और कई अन्य दैनिक उत्पादों के लंबे समय तक संपर्क में रहना गर्भपात का कारण हो सकता है।

चीन में बीजिंग की पेकिंग यूनिवर्सिटी में 300 से अधिक महिलाओं पर किए गए एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ फैथलेट्स जिनका प्रयोग दैनिक इस्तेमाल की चीजों में किया जाता है, उनका गर्भपात से संबंध हो सकता है जो कि अधिकांश गर्भावस्था के 5 से 13 हफ्तों में होता है। अध्ययन में इसके प्रमाण मिले हैं कि इन उत्पादों को बनाने वाले कारखानों के कामगार ही नहीं, इनके संपर्क में आने वाले आम लोगों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

शोधकर्ता जियानयिंग ह्यू और उनके सहयोगियोंने चीन में 172 स्वस्थ गर्भवती महिलाओं और 132 महिलाओं जिनका गर्भपात हो चुका था, के पेशाब के नमूनों की जांच की। उन्होंने पाया कि कुछ फैथलेट्स के उच्च स्तरों से संपर्क में रहने का गर्भपात से संबंध हो सकता है। इनमें से कई उत्पाद रंग-रोगन, मेडिकल ट्यूब्स, विनायल फ्लोरिंग, साबुन, शैंपू और अन्य चीजों में शामिल होते हैं।

फैथलेट्स पर हुए पूर्व शोध बताते हैं कि इनके कम स्तर के कुछ मिश्रणों से लंबे समय तक संपर्क में रहना प्रयोगशालाओं के जीवों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है और उनके गर्भपात के खतरे को बढ़ा सकता है।

एक अध्ययन में पाया गया कि कारखानों में काम करने के कारण फैथलेट्स के उच्च स्तरों से संपर्क में आने वाली महिलाएं के गर्भपात का खतरा अधिक होता है। यह अध्ययन एंवयारमेंट साइंस एंड टेक्नोलोजी जर्नल में प्रकाशित हुआ।

आपकी राय

Name
Email
Comment
No comments post, Be first to post comments!

मसाला ख़बरें

रूही सिंह ने सोशल मीडीया पर बिखेर अपने हुस्न के जलवे

मुंबई: फिल्म 'कैलेंडर गर्ल्स' से अपने करियर की शुरुआत करने वाली रूही सिंह इन दिनों अपनी हॉट इंस्टाग्राम...

जैकी श्रॉफ की बेटी ने फिर दिखाई बोल्ड अदाएं

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ की बेटी कृष्णा श्रॉफ अपनी तस्वीरों की वजह से सोशल मीडिया चर्चा में...

प्रदेश टुडे मैगज़ीन

November, 2014

ब्लॉग

शेयर बाज़ार