इलाज के अभाव में गई आदिवासी प्रसूता की जान

On Date : 05 January, 2018, 4:16 PM
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108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के स्टाफ की लापरवाही  
प्रदेश टुडे संवाददाता, डबरा
इलाज के अभाव में एक आदिवासी प्रसूता की जान चली गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने 108 एंबुलेंंस एवं  जननी एक्सप्रेस के स्टाफ की लापरवाही को इसका जिम्मेदार ठहराया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम जतर्थी की आदिवासी दफाई में रहने वाले संजय आदिवासी की पत्नी मंजू को सुबह 6 बजे प्रसव का दर्द हुआ, तो संजय ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को फोन किया, मगर 108 एंबुलेंस 2 घंटे बाद पहुंची, तब तक महिला की हालत बिगड़ चुकी थी। इसके बावजूदी 108 एंबुलेंस का स्टाफ यह कहकर गाड़ी वापस ले गया कि मैं संकरी गली में गाड़ी नहीं ले जाऊंगा। उसके बाद संजू ने फिर 108 को फोन किया, जिस पर जननी एक्सप्रेस मौके पर पहुंची, लेकिन उसके पहले ही महिला ने घर पर ही बच्ची को जन्म दे दिया था, उसके बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी थी। वहीं मौके पर पहुंची जननी एक्सप्रेस के चालक ने भी अंदर जाने से मना कर दिया, जब परिजनों ने बोला कि हम महिला को बाहर ही लेकर आते हैं, और जब तक वह महिला को बाहर लेकर आए तो जननी एक्सप्रेस वाला भी वापस चला गया। जैसे ही ग्राम के सरपंच पोशु गुर्जर को इस मामले की जानकारी लगी, तो वह अपनी गाड़ी लेकर संजू के घर पहुंचा ओर महिला को खुद की गाड़ी में लेकर डबरा सिविल हॉस्पीटल के लिए निकला, लेकिन रास्ते में ही महिला दम तोड़ चुकी थी। बाद में परिजन इसकी शिकायत लेकर एसडीएम कार्यलय पहुंचे, मगर उनके मौजूद नही होने पर तहसीलदार शिवदयाल धाकड़ के कार्यलय पहुंचकर अपनी शिकायत सुनाई, जिस पर तहसीलदार ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ ही रेड क्रॉस से 2 हजार रुपए भी अंतिम संस्कार के लिए देने की बात कही।

इनका कहना है
सुबह 6 बजे जब मेरी बीवी को दर्द होने लगा, तो मैंने 108 एंबुलेंस को फोन किया, मगर फोन करने के दो घंटे बाद 108 पहुंची, लेकिन एंबुलेंस वाले ने संकरी गली में अंदर जाने से मना कर दिया और वापस चला गया। उसके बाद मैंने फिर से 108 को फोन किया फिर 108 जननी एक्सप्रेस आई और उसने भी अंदर जाने से मना कर दिया, और जब मैं अपनी बीवी को बाहर लेकर आया, उससे पहले ही जननी एक्सप्रेस वाला वहां से चला गया था।
संजू आदिवासी, मृतका का पति
जब मुझे जानकारी मिली कि संजू की बीवी की हालत खराब है और 108 एंबुलेंस भी आने के बाद वापस लौट गई है, तो मैं तुरंत दफाई पहुंचा और अपनी गाड़ी में मंजू को लेकर डबरा सिविल हॉस्पीटल के लिए निकला, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
पोशू गुर्जर,
सरपंच पति ग्राम जतरथी
(जतरथी सरपंच पति)

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